COVID-19 Live Update

Global Total
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Affected Countries

Total in India
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Cases Per Million

हैल्दी लाइफ

6 फुट की दूरी नहीं कोरोना से बचने के लिए चाहिए 20 फुट का सोशल डिस्टेंस

कोरोना वायरस के प्रभाव के चलते पूरी दुनिया आशंकित है. अभी तक कोरोनावायरस को लेकर कोई भी वैक्सीन या दवाई नहीं बनाई जा सकी है. पूरी दुनिया के साथ भारत भी कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित है तकरीबन एक लाख 58 हजार से ऊपर की संख्या भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की हो गई है जो चिंता का विषय है.
कोरोना वायरस को लेकर आए दिन नए-नए संकेत सामने आ रहे हैं. अब हालिया में जो रिपोर्ट आई है वह बेहद चौंकाने वाली और चिंतित करने वाली रिपोर्ट है. नई रिपोर्ट के मुताबिक महज 6 फुट की दूरी कोरोना वायरस से बचने के लिए कारगर नहीं है. नई रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ और केंद्र द्वारा बनाए गए सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के विपरीत है. रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनावायरस से बचाव के लिए कम से कम 20 फुट तक की दूरी होनी चाहिए तभी इससे बचा जा सकता है.
कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने अलग-अलग वातावरण में इसका परीक्षण किया और परीक्षण में जो निष्कर्ष आया वह बड़ा चौंकाने वाला था. अमेरिका के सांता बारबरा स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता ने शोध में छींकने, खासने या सांस छोड़ने के दौरान संक्रामक कणों के 20 फुट दूरी तक पहुंचने का निष्कर्ष निकाला. कहने का मतलब यह है तेजी से फैल सकता है और बचाव के लिए बीच की दूरी कम से कम 20 फ़ीट होनी चाहिए.
मेडिकल एक्सप्रेस में छपे एक शोध के मुताबिक बड़ी बूंदें गुरुत्वाकर्षण के कारण किसी आसपास की सतह पर जम जाती हैं जबकि छोटी बूंदे वायरस को ज्यादा दूर तक ले जाने में सक्षम हैं. इतना ही नहीं यह बुंदे तेजी से हवा में स्थित होकर घंटों तक घूम सकती हैं.
निष्कर्ष के कारण ही वैज्ञानिकों ने 6 फुट की दूरी कोरोना से बचाव के लिए कम माना और कम से कम 20 फुट तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को अपनाने के लिए कहा. शोध में मास्क लगाने को बिल्कुल सही ठहराते हुए कहा गया है कि मास्क से एरोसॉल कणों के जरिए वायरस के प्रसार की संभावना न के बराबर होती है.
शोध की इस रिपोर्ट के बाद से चिंताएं बढ़ गई हैं. मास्क का उपयोग इससे बचाव का सबसे बड़ा साधन और सबसे बड़ा तरीका साबित हो सकता है जिस को फॉलो करना जरूरी है.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.