New Delhi. कोरोना की बढ़ती रफ्तार से चिंतित कुछ राज्यों ने अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह से लॉक डाउन कर दिया है. ओडिशा सरकार ने सभी शहरी क्षेत्रों और गांव के 5 ब्लॉक मुख्यालयों को 5 दिन के लिए पूरी तरह ताला बंदी कर दी है.
कोरोना से बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक सभी ब्लॉक मुख्यालयों और बरहमपुर नगर पालिका में सभी एन ए सी, हिंजिलीकट नगर पालिका में स्क्रीनिंग और दूसरे उपाय किए जाएंगे.
इंदौर के इस इलाके में अनिश्चित कालीन तालाबंदी
कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर के हातोद कस्बे में महामारी के 27 मरीज मिलने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने वहां अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी लागू कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर हातोद के भोई मोहल्ले में कोरोनावायरस के 27 मरीज मिले हैं. 10,000 आबादी वाले कस्बे में आगामी आदेश तक लोग डाउन कर दिया गया. आदेश आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. गौरतलब है कि इंदौर जिले में अब तक महामारी के कुल 4954 मरीज मिले हैं जिनमें से 249 मरीजों ने महामारी से दम तोड़ दिया जबकि 3838 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हुए हैं.
पश्चिम बंगाल भी बेहाल
बढ़ते संक्रमण के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने भी लॉकडाउन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के दायरे में विस्तार का निर्णय लिया है. कोविड-19 के मामले में बेतहाशा वृद्धि को काबू करने के लिए 9 जुलाई से कड़े प्रतिबंध लागू किए जाने की सूचना है. सूचना के मुताबिक निरुद्ध क्षेत्र और इसके आसपास के बफर जोन को एक साथ मिलाकर व्यापक आधार वाला निरुद्ध क्षेत्र बनाया जाएगा जहां बृहस्पतिवार शाम 5:00 बजे से संपूर्ण लॉकडाउन किया जाएगा. स्थानीय प्रशासन आवश्यक सामानों की आपूर्ति उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा. प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अलापन बंधोपाध्याय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि “यह व्यापक निरुद्ध क्षेत्र सख़्त लॉकडाउन के अधीन होंगे और सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय, सभी गैर आवश्यक गतिविधियां, समारोह, परिवहन सभी बाजार, औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद रहेगी.”
यह निर्देश कब तक लागू रहेंगे स्पष्ट नहीं किया गया है. फिलवक्त 31 जुलाई तक लॉकडाउन लागू है.
(courtesy: pk news)

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