पांडेयजी तो बोलेंगे

2 जुलाई की घटना का 7 जुलाई को जिक्र क्यों? सबसे बड़ी हकीकत जिसने हर आदमी को चिंता में डाल दिया, क्या संक्रमण चेन बनने की संभावना बढ़ी…

सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश : जिले में 4 जुलाई को प्रदेश के आयुष मंत्री समेत 10 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये थे. आयुष मंत्री के बाद अगले दिन ही पत्नी और बेटा भी संक्रमित मिले, जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया.
4 जुलाई को कोरोना की रिपोर्ट आई जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी. वजह थी प्रदेश के आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी का कोरोना पॉजिटिव मिलना. प्रशासन ने आनन फानन में आयुष मंत्री को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया. 05 जुलाई को फिर से रिपोर्ट आई जिसमे धर्म सिंह सैनी के बेटे और पत्नी पॉजिटिव मिले. सोमवार को फिर से आई रिपोर्ट में आयुष मंत्री के पौत्र और नौकर भी कोविड 19 पॉजिटिव हो गये. अब ऐसे में संक्रमण चेन बनने का खतरा बढ़ गया है.

4 जुलाई के मामले की 7 जुलाई को चर्चा क्यों

आप सोच रहे होंगे कि मंत्री जी 4 जुलाई को पॉजिटिव पाए गए थे तो आज यानी 7 जुलाई को इसकी चर्चा क्यों हो रही है ? दरअसल, चर्चा का विषय कोरोना संक्रमण के चयन को लेकर है इसकी वजह भी है आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी की कोरोना रिपोर्ट आने से पहले वह कई कार्यक्रमों में शिरकत कर चुके थे जिनमें पुल का उद्घाटन और संचारी रोग से बचाव के कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाना शामिल था. ऐसे में संक्रमण चैन का खतरा सता रहा है.

संक्रमण चैन का खतरा बढ़ा

दरअसल केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से बचाव के लिए 2 गज की दूरी बनाए रखने के लिए निर्देश दिया है लेकिन एक कार्यक्रम के उद्घाटन में आयुष मंत्री 2 इंच की दूरी का भी पालन नहीं कर पाए. अब मंत्री के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इतना ही नहीं इसके ठीक बाद आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने संचारी रोग से बचाव के लिए शुरू हो रहे अभियान को हरी झंडी भी दिखाई थी जहां भारी संख्या में लोगों के साथ पत्रकार भी मौजूद थे जिन्होंने उनसे मेल मिलाप भी किया.

नियमों को ताक पर रखकर आम आदमी से खिलवाड़ क्यों

केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उसके बाद जिला प्रशासन ने एक स्थान पर भीड़ इकट्ठी ना होने के लिए आदेश दिया है बावजूद इसके खाकी के प्लान को खादी चुनौती दे रही है. कुछ दिन पहले ही बसपा के सांसद हाजी फजलुर्रहमान भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.

सांसद हाज़ी फजलुर्रहमान

उससे पहले व प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिले थे और लोगों से भी खूब मुलाकातें की. अगले ही दिन उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. साथ ही साथ परिवार के कई लोग भी संक्रमित मिले. इतना ही नहीं जन जीवन को बचाने की जिम्मेदारी रखने वाले आयुष मंत्री रोगों से बचाव की हरी झंडी दिखाते दिखाते खुद कोरोनावायरस के रेड जोन में शामिल हो गए. इतना ही नहीं परिवार के कई अन्य सदस्य भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं.

भीड़भाड़ के शौकीन माननीय लोग आम आदमी के जीवन को संकट में डाल रहे हैं. अब शहर में संक्रमण चेन बनने की संभावना भी बढ़ गयी है. तब खतरा और बढ़ जाता है जब संक्रमण के बढ़ते खतरे के बावजूद लोग कोरोना के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं. लोग मास्क का प्रयोग करने से कतराते हैं.

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Prakash Pandey

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