देश में लॉक डाउन 2.0 चल रहा है जो 3 मई को समाप्त होगा. यह आगे बढ़ेगा या नहीं इस पर अभी कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट को अगर माना जाए तो देश के सभी महानगर और राज्यों के कुछ जनपदों को लॉक डाउन के बाद भी रेड जोन में रखा जाएगा जिन्हें 21 दिनों तक कोई मामला सामने ना आने पर ग्रीन जोन में डाला जाएगा.
देश की आर्थिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 3 मई के बाद जिलों को अलग-अलग हिसाब से बांटने का काम कर लिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद को रेड जोन में ही रखा है. इसके साथ ही महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के 9, राजस्थान के 8 और मध्य प्रदेश के 9 जिलों को रेड जोन में रखा गया है.
गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकारों को रेड जोन एरिया में सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं. सभी राज्यों के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में स्वास्थ्य सचिव प्रीती सुदन ने 130 रेड जोन, 284 ऑरेंज जोन और 319 ग्रीन जोन की जानकारी दी है.
जो सूची वायरल हो रही है उसके मुताबिक महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा 14 और 19 जिले रेड जोन में है. इसके बाद तमिलनाडु के 12 और दिल्ली के 11 जिले रेड जोन में हैं. एनसीआर में शामिल फ़रीदाबाद गौतम बुद्ध नगर,नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और मेरठ भी रेड जोन में है. मुंबई के पास के इलाके भी रेड जोन में ही हैं.
कैसे रेड जोन से ग्रीन जोन में शामिल होंगे जिले
देश में 3 मई के बाद भी लिस्ट के लिए शामिल किए गए रेड जोन में 130 जिले, ऑरेंज जोन में 284 जिले और ग्रीन जोन में 319 जिले शामिल हैं. अगर नियम के अनुसार माना जाए तो जब कोई जनपद लगातार 21 दिनों तक कोरोना वायरस पॉजिटिव के मामले से दूर रहता है तो वह ग्रीन जोन में शामिल हो जाएगा. पहले यह नियम 28 दिन का था.
देश के ऑरेंज और ग्रीन जोन के जिले
उत्तर प्रदेश के 36, तमिलनाडु के 24, पंजाब के 15, बिहार के 20, राजस्थान के 19, मध्य प्रदेश के 19, महाराष्ट्र के 16 जिले जहां ऑरेंज जॉन में शामिल है वहीं छत्तीसगढ़ के 25, आसाम के 30, अरुणाचल प्रदेश के 25, मध्य प्रदेश के 24, ओडिशा के 21, उत्तर प्रदेश के 20 और उत्तराखंड के 10 जिले ग्रीन जोन में शामिल है.


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