New Delhi. कोरोना वायरस की आपदा को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल देर शाम राष्ट्र को संबोधन में रात 12:00 बजे के बाद पूरी तरह से लॉक डाउन की बात कही थी. प्रधानमंत्री ने चेताया भी था कि यदि लोग लॉक डाउन का पालन नहीं करेंगे तो उनसे पालन कराया जाएगा. प्रधानमंत्री की अपील के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर देश को बताया है कि अगले 21 दिन में क्या बंद रहेगा और क्या क्या खुला रहेगा? आप भी जान लीजिए यह काम की खबर..
यह सब खुला रहेगा
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस से संबंधित सभी ऑफिस
- वित्त मंत्रालय और जनता के सरोकारों से जुड़े सभी ऑफिस पोस्ट ऑफिस
- पुलिस होमगार्ड, आपदा प्रबंधन विभाग, जेल और आपातकाल सुविधाओं से जुड़े ऑफिस
- जिला प्रशासन और वित्त से जुड़े ऑफिस
- बिजली पानी और सफाई से जुड़ी सभी सुविधाएं
- देश की सुरक्षा से जुड़े सभी ऑफिस,
- डॉक्टर और नर्स को लाने ले जाने वाले वाहनों की छूट
- सभी दवाई की दुकानें 24 घंटे खुली रहेंगी
- राशन की दुकानों और जरूरी सामान की दुकानों में होम डिलीवरी को प्राथमिकता
- बैंक के एटीएम और बीमा कंपनियों के ऑफिस
- प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ऑफिस
- इंटरनेट कंपनी, टेलीकम्युनिकेशन कंपनी और सभी आईटी कंपनियों के ऑफिस लेकिन घर से काम करने के आदेश
- जरूरी चीजें जैसे दवाई खाना और मेडिकल उपकरणों की ऑनलाइन डिलीवरी
- माल गोदाम और प्राइवेट सिक्योरिटी भी अपने काम में लगी रहेंगी
- जरूरी सामान बनाने वाली कंपनियां जिन कंपनियों को अपना उत्पादन रखना जरूरी है वह राज्य सरकार की अनुमति लेकर अपना काम चला सकती हैं
- आपातकाल सुविधाएं देने वाले वाहन और सभी जरूरी चीजों का परिवहन करने वाले वाहन सिर्फ ऐसे होटल जहां लॉक डाउन से प्रभावित लोग ठहरे हैं या स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े काम हो रहे हैं
- लोगों को क्वॉरेंटाइन के लिए भी चुनी जगह खुली रहेंगी.
यह सब रहेगा बंद
- भारत सरकार के सभी ऑफिस और इससे जुड़े सरकारी कंपनियों के सभी ऑफिस राज्य सरकार और उससे जुड़ी ऑटोनॉमस संस्थाओं के सभी ऑफिस
- सभी व्यापारिक संस्थान और प्राइवेट दुकाने
- सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान सभी तरह की ट्रांसपोर्टेशन सुविधाएं बंद रहेंगे इनमें रेल सड़क और हवाई सेवा भी शामिल हैं
- अतिथि सत्कार से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं
- सभी स्कूल, कोचिंग, रिसर्च से जुड़े संस्थान
- सभी मंदिर, मस्जिद लोगों के लिए बंद रहेंगे
- अनुमति के बाद ही धार्मिक आयोजन किया जा सकेगा सामाजिक राजनीतिक खेल और मनोरंजन से जुड़ी मीटिंग नहीं होंगी
- अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ 20 लोग ही एकत्रित हो सकते हैं
- डॉक्टर की सलाह के बाद भी जो लोग घर में नहीं रहते हैं उनके खिलाफ सेक्शन 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी किसी भी व्यक्ति को नियमों से छूट देने से पहले संबंधित संस्थान और अधिकारियों को सरकार की गाइडलाइन को ध्यान में रखना होगा.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधन में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह कर्फ्यू तो नहीं है लेकिन कठोर है और कठोरता से पालन करना सुनिश्चित कराया जाएगा. इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने जन सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी और खुद को परिवार का सदस्य बताया.

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