आनंद कुमार पाण्डेय
छत्तीसगढ़. स्कूल जिन्हें शिक्षा का मंदिर समझा जाता है, शिक्षक जिन्हें उस मंदिर का देवता समझा जाता है, और छात्र या छात्रा जिनको आप और हम भक्तों के रूप में भी परिभाषित करते हैं. शिक्षा के मंदिर में शिक्षा के देवता को भक्तों को ज्ञान का दर्शन देना होता है. लेकिन आए दिन ऐसे मामले सुनने में आते हैं जहां शिक्षक अपनी गरिमा को भुला कर छात्र या छात्रा से वह कार्य कराते हैं जो नियम विरुद्ध है. वैसे तो नियम विरुद्ध कार्यों की फेहरिस्त बहुत लंबी है लेकिन आज इसमें एक नया अध्याय जुड़ गया है. ताजा मामला रायपुर मुझगहन शासकीय प्राथमिक साला में सामने आया है. जहां सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भारी भरकम बजट लगाती है वहीं कुछ शिक्षक पूरे पेशे को बदनाम कर के रख देते हैं.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मुझगहन में आराम तलबी की मिसाल देखी गई. जहां एक प्राथमिक शाला में एक शिक्षिका शिक्षा के नियम और मर्यादाओं को धता बताकर खुले मैदान में एक छात्रा से अपने नाखून कटवाने लगी. इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इस घिनौने कृत्य की वीडियो बना ली और उसको वायरल कर दिया. जैसे ही वीडियो आसपास के लोगों के पास पहुंचा, लोग गुस्से से भर गए और शिक्षिका पर कार्यवाही की मांग करने लगे. मामला बिगड़ने पर एक क्षेत्रीय मीडिया संस्थान को सफाई देते हुए शिक्षिका ने कहा कि वह बच्चे से नाखून नहीं कटवा रही थी बल्कि वहां पड़े कचरे को हटाने को बोला था. जबकि छात्रा ने शिक्षिका से अलग बयान देते हुए कहा है कि वह अपने टीचर के पैर में चुभे कांटे को निकलवाने का प्रयास कर रही थी. वायरल वीडियो, टीचर की सफ़ाई और छात्रा के बयान से पूरा मामला स्पष्ट हो जाता है. अब देखना होगा कि सरकार ऐसी शिक्षिका के विरुद्ध क्या कार्रवाई करती है.



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