देश मे कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव और उसके परिणाम के रूप में लगभग 21 लाख लोग महामारी के चपेट में हैं. कोरोना की गति पिछले दिन से अधिक होती है. पिछले दो दिन से रोज तकरीबन 62 हज़ार से अधिक केस एक दिन में मिल रहे हैं, जो चिंता का विषय बने हुए हैं.
इस बीच कोरोना के प्रभाव को दरकिनार कर सरकार स्कूल-कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रही है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सरकार ने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को 1 सितंबर से 14 नवंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से खोलने की योजना बना ली है.
खबरों के मुताबिक कोविड-19 का प्रबंधन देख रहे मंत्रियों के एक समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. योजना के हिसाब से सचिवों के एक समूह के साथ चर्चा भी हो चुकी है.
माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक फाइनल गाइडलाइन जारी हो जाएगी जिसमें इस फैसले को सरकार नोटिफाई कर सकती है. इस पर विस्तार से चर्चा की खबर है.
अंतिम अनलॉक में खुलेंगे स्कूलों के ताले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इस महीने के अंत तक अंतिम अनलॉक की घोषणा कर सकती है जिसमें स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं को खोलने की गाइडलाइन जारी हो सकती है. अंतिम निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा जाएगा कि वे कैसे और कब छात्रों को कक्षाओं में वापस लाते हैं.
स्कूलों को लेकर जुलाई में हुआ था सर्वे
स्कूलों को खोलने को लेकर जुलाई के महीने में सर्वे हुआ था जिसके मुताबिक अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नही थे. राज्य सरकारों का मत है कि स्कूल न खुलने से गरीब बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनके पास ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा नही है.
गौरतलब है कि मार्च के तीसरे सप्ताह से ही स्कूल-कॉलेज बंद हैं.

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