GAURAV SINGHAL
Saharanpur/ UP. जिले में अवैध खनन को लेकर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल एक्शन मोड़ में हैं. अवैध खनन की शिकायतें मिलने के बाद एक थाना प्रभारी समेत दो सिपाहियों को गया.
डीआईजी रेंज सहारनपुर उपेंद्र अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें चिलकाना और सरसावा क्षेत्र में हरियाणा से हो रहे अवैध खनन परिवहन आदि की गंभीर शिकायतें मिल रही थीं. उन्होंने इसकी अपने स्तर से जांच कराई तो अवैध खनन और परिवहन के आरोप सही पाए गए. उन्होंने इस संबंध में एसएसपी डा. एस चनप्पा को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए. जिसके बाद एसएसपी ने एसएचओ सरसावा अमित शर्मा समेत दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया. दो दिन पहले ही एसएसपी ने एसएचओ चिलकाना थाना से हटाकर सरसावा थाने पर स्थानांतरित किया था. एसएसपी ने 24 घंटे पहले ही पांच निरीक्षक और थानाध्यक्ष अपराध नियंत्रण में नाकाम रहने पर लाइन हाजिर किए थे. डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस किसी भी सूरत में सहारनपुर रेंज में अवैध खनन और परिवहन को संचालन नहीं होने देगी.
ग़ौरतलब है कि सहारनपुर पिछले 10 साल तक उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के रूप में प्रदेश में सबसेे बड़ा केंद्र रहा है और सपा-बसपा सरकारों को यहां अवैध खनन को लेकर लाखों-करोड़ों की राजस्व हानि राज्य सरकारों को उठानी पड़ी है. बसपा एमएलसी हाजी इकबाल और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री मायावती और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के राज में खुलकर अवैध खनन को बढ़ावा दिया. भारत की तमाम आर्थिक एजेंसियां ईडी, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और पर्यावरण विभाग ने अनेक मुकदमें दर्ज कर जांच शुरू की हुई हैं. राज्य सरकार के निर्देश पर पिछले महीने कमिश्नर सहारनपुर संजय कुमार की अध्यक्षता में गठित टीम ने भी सहारनपुर जिले में अवैध खनन की जांच कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की हुई है, जिस पर कार्रवाई होनी बाकी है.

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