पॉलिटिकल खास

कानून व्यवस्था के नाम पर यूपी में जंगलराज कायम, पूर्व राज्यमंत्री ने गिनाई सरकारी विफलताएं


सहारनपुर/मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश. समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के नाम पर जंगल राज कायम हो गया है. कल जिस प्रकार बदमाशों ने मोरना, मुजफ्फरनगर के मेडिकल कारोबारी अनुज कर्णवाल को सरेबाजार घेरकर गोलियों से छलनी कर दिया और व्यापारी की सीने पर 10 गोलियाँ लगने से मौके पर ही मौत हो जाना कानून व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने का द्योतक है. योगी जी के जगंल राज में व्यापारियों को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी है. मोरना में ही बदमाशो द्वारा की जाने वाली चौथ वसूली व रंगदारी से परेषान होकर नीरज अग्रवाल, अनुज मित्तल ”टोनी“, प्रेम मित्तल, नीरज वर्मा, अजय वर्मा, सुभाष मित्तल एंव विनोद मित्तल आदि के परिवार पलायन कर चुके हैं तथा अन्य परिवार पलायन करने पर विवश है.
वर्तमान शासन में जिस तंत्र के ऊपर कानून व्यवस्था का जिम्मा है वही सुरक्षा देने के स्थान पर व्यापारियों से वैध और अवैध तरीकों से धन उगाही में लगा हुआ है. महोबा में जिस प्रकार पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी कुछ अपने समकक्ष व अधीनस्थ अधिकारियों के साथ एक गिरोह के समान संगठित कार्य करते हुए रकम वसूली करता है और वसूली की रकम ना देने पर व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी की हत्या तक करा देता है, इससे ज्यादा शर्मनाक घटना कानून व्यवस्था के लिए नहीं हो सकती. चंद दिन पहले पड़ोस के ही जनपद मेरठ में व्यापारी अमन जैन की लूटपाट के विरोध पर सरेआम हत्या कर दी जाती है, चंदौली में व्यापारी नंदलाल जायसवाल के बेटे सिद्धार्थ का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी जाती है और हत्या करने के बाद भी अपराधी दुस्साहस पूर्वक घरवालों से 20 लाख रुपयों की फिरौती मांगते हैं. अलीगढ़ में व्यापारियों के साथ लूट और हत्या कांड की हुई ताबड़तोड़ घटनाएं, कानपुर का संजीत यादव हत्याकांड, मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के पिपराइच में पान व्यापारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या, लखनऊ, कानपुर, रामपुर और हरदोई में व्यापारियों की हत्यायें चंद उदाहरण मात्र है. इसके अतिरिक्त दर्जनों ऐसी घटनाएं हैं जिनमें पीड़ित पक्ष डर के कारण पुलिस के पास पहुंचता ही नहीं है. उ० प्र० में व्यापारी इस समय नोटबंदी और गलत जीएसटी से हताशा की स्थिति में है, और बिना तैयारी के लगाए गए लॉकडाउन में करोना की मार से मानसिक अवसाद का शिकार होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है. इस तरह की लूट, डकैती, अपहरण और हत्या से व्यापारी वर्ग अपने आप को बहुत असुरक्षित मान रहा है.
समाजवादी पार्टी कानून व्यवस्था के सबसे बुरे दौर में, पीड़ित व्यापारियों और आम नागरिकों के साथ है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उनके प्रतिनिधि के रूप में, मैं मुजफ्फरनगर जनपद के व्यापारियों और जनता को यह विश्वास दिलाने आया हूं कि हम आपके साथ हैं और इसके लिये हम प्रत्येक सम्भव माध्यम एवं तरीके से आपकी सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.