व्यक्ति विशेष

व्यक्ति विशेष: एक संत से भारत के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री कैसे बन गए योगी आदित्यनाथ

योगी राज रामराज्य से कम नहीं

विश्व स्तरीय कोविड महामारी में अपने लोगों का जीवन बचाने में अद्भुत कर्तव्य परायणता प्रदर्शित कर रहे हैं महंत योगी आदित्यनाथ

70 साल के स्वतंत्र भारत में भारत के सबसे कामयाब और लोकप्रिय मुख्यमंत्री बन गए हैं योगी आदित्यनाथ

सुरेंद्र सिंघल, वरिष्ठ पत्रकार

सहारनपुर । उत्तर प्रदेश भारत के अनूठे इतिहास हिंदू धर्म संस्कृति भारत का ऐसा अकेला प्रांत है जहां लोगों के दुखों को हरण करने के लिए धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्रीरामचंद्र को अवतार लेने को उद्दत होना पड़ा। उत्तर प्रदेश भारत का हिंदू स्थल है। जहां मथुरा, काशी, अयोध्या, प्रयाग और भगवान राम का प्रमुख स्थल चित्रकूटधाम और विश्व की लीलाओं का वृंदावन जैसे श्रद्धा और भक्ति के केंद्र मौजूद हैं, ऐसे प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री 45 वर्षीय दिग्गज राजनेता कुशल प्रशासक जवाबदेह शासक, लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील, अत्यंत भावुक और प्रदेश विकास को समर्पित महंत योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह समाज में अनुकूल और सकारात्मक बदलाव करने की स्पष्ट और दृढ़ सोच रखते हैं। उन्हें मालूम है कि लोगों का हित और समाज का हित क्या किया जाने में संभव है। योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 महामारी के मुंह में जाते प्रदेश के कोरोना संक्रमित लोगों को अकाल मृत्यु से बचाने की जिस उत्कृष्ट जिम्मेदारी का प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं, वह उनके सर्वथा व्यक्तित्व के अनुकूल ही है। अपने कार्यों को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करना हर किसी को स्पष्टता से दिख रहा है। योगी जी ने बहुत ही थोड़े समय के भीतर प्रदेश के चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अच्छे नतीजे देने के लिए समय सीमा के भीतर तैयार कर लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोविड से तो कुशलता से निपट ही रहे हैं। वह प्रदेश के अन्य राजकाज और प्रशासनिक कार्यों को भी नजरंदाज नहीं कर रहे हैं। अपराध और भ्रष्टाचार के मोर्चे पर वह स्वयं भगवान राम की भूमिका में रावण से युद्ध कर रहे हैं। भगवान शिव के अनन्य भक्त और गोरखपुर के गौरक्षा पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने 1998 से 2017 तक का संसदीय जीवन का अनुभव प्राप्त करने के बाद 22 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत जी और उनकी कार्य परिषद के विद्वान संघ पदाधिकारियों की भावनाओं के अनुरूप योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की बागडोर सौंपी थी। यहां दो बात उल्लेखनीय है कि 1947 में भारत विभाजित के बाद धार्मिक आधार पर भारत के बंट जाने पर और मुस्लिम राष्ट्र बन जाने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सबसे करीबी एवं विश्वसीय मित्र सेठ घनश्याम दास बिड़ला द्वारा गांधी जी को लिखे एक पत्र जरिए अपनी भावनाए व्यक्त करते हुए कहा था कि आप अब भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दें। महात्मा गांधी मौन रहे। लेकिन 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की नियुक्ति को लेकर मोहन भागवत ने मुखर होना उचित समझा। उसके अच्छे फल उत्तर प्रदेश की जनता को मिल रहे हैं। यह संवाददाता इन पंक्तियों का लेखक जिसको देश के अभी तक के सभी मुख्यमंत्रियों के कामकाज का अध्ययन का ठीक-ठीक ज्ञान है। उसके मुताबिक आजाद भारत में सबसे सफल और सबसे कामयाब मुख्यमंत्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी रहे हैं जो महात्मा गांधी के समधी थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ब्रिटिश शासन में मद्रास के
मुख्यमंत्री रहे थे। राजगोपालाचारी को अद्भुत और प्रभावशाली राजनीतिज्ञ दार्शनिक और राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत शख्सियत के रूप में जाना जाता है। राजगोपालचारी मद्रास और तमिलनाडु के एक तरह से निर्माता के रूप में माने-जाते हैं। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी से ही कुमार स्वामी कामराज ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पद की बागडोर संभाली थी। के. कामराज जो भारत के दूसरे सफल और लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं ने मुख्यमंत्री के दायित्व के निवर्हन के दौरान कामकाज की ऐसे मानदंड स्थापित किए थे, जो भारत में शासन-प्रशासन की कारगर और नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। के. कामराज और राजगोपालाचारी के तर्ज पर भारत के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ अपने कार्यों को गति दे रहे हैं। योजनाओं को क्रियान्वित करवा रहे हैं। चिकित्सा, स्वास्थ्य, रोजगार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगे हैं। उनकी प्रदेश में आईएस और आईपीएस पर मजबूत पकड़ है। उन्हें इनसे काम लेना बखूबी आता है। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। पिछड़ी जातियां, दलित जातियां, मुस्लिम, अल्पसंख्यक, अशिक्षा, दकियानूसियां ऐसी समस्याएं हैं, जहां कोरोना की महामारी का सामना करना करीब-करीब असंभव और दुर्गम है। योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन उच्च स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक साथियों की टीम के साथ कोरोना की समीक्षा करते हैं कारगर कदम उठाते है और नौकरशाही को प्रोत्साहित करते हैं। वह अत्यंत विनम्र, शालीन और साधुमन हैं, कृपालु हैं लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, अराजकता को लेकर वह शून्य सहनशीलता रखते हैं। यानि उन्हें यह सब नाकाबिले बर्दाश्त है। उनके कामकाज का सबसे अच्छा पहलू यह है कि वह भ्रष्टाचारियों, अपराधियों की संपत्ति को जब्त कराते हैं और जिन लोगों को जेल के अंदर होना चाहिए उन्हें वही रखना पसंद करते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पिछले 15 सालों के दौरान सपा-बसपा की अराजक सरकारों से सबसे ज्यादा त्रस्त रहा है। प्रदेश का यह एक ऐसा क्षेत्र है जो गंगा-यमुना की पवित्र धाराओं के बीच स्थित है। इस क्षेत्र पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपाएं और सक्रियता सबसे ज्यादा बनी हुई है। वह स्वयं दो दर्जन से ज्यादा बार सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में दौरे कर चुके हैं। यहां की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने सबसे अच्छे अफसरों की नियुक्ति सहारनपुर मंडल में की है और उनकी पूरी गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकारों के साथ काम करने का अवसर दिया हुआ है। पुलिस महकमे प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित आईपीएस अफसर और पांच साल सीबीआई में विवेचनाओं का अध्ययन करने वाले उपेंद्र कुमार अग्रवाल को सहारनपुर पुलिस रेंज का उपमहा निरीक्षक बनाया हुआ है। जिनके लिए उनका कार्य सर्वोपरि है। अपराध और अपराधियों के इस गढ़ में लोग निश्चित रूप से सुरक्षा भाव और असाहस को जी रहे हैं जिसका वायदा अमित शाह ने विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता से किया था। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सबसे सफल अफसरों में से एक दर्जनों जिलों के कलेक्टर रहे प्रमुख पर्यावरणविद् पक्षी प्रेमी संजय कुमार को सहारनपुर का मंडलायुक्त बनाया हुआ है। जो खुद और उनकी टीम कोविड-19 दो-दो हाथ करती दिख रही है। पूरे मंडल में संजय कुमार ने मुख्यमंत्री की मंशानुसार कोरोना की जांचों को आठ से दस हजार प्रतिदिन कर दिया है। सहारनपुर में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह सक्षम और कर्मठ अधिकारी है। जो बिना थके 24 घंटे अपना समय स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने, कोरोना से जंग करने, स्थित को सामान्य और विकासोन्मुख बनाने में लगाए हुए हैं। यदि ये स्थितियां और ऐसे अफसर यहां ना होते तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस सहारनपुर परिक्षेत्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतों का रिकार्ड बनता। यह महामारी क्षेत्र में विकराल धारण किए हुए है। डरे-सहमे-भयग्रस्त लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी व्यवस्थाओं पर संपूर्ण भरोसा है। इसी कारण आमजन योगी राज को रामराज मानकर देख रहे हैं। देवबंद के युवा व्यापारी शशांक जैन की मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि वह प्रदेश में जोन लेबल पर एम्स जैसे आधुनिक और सुसज्जित मेडिकल कालेजों की स्थापना कराएं। डेढ़ दशक तक देश की प्रतिष्ठित न्यूज मैगजीन इंडिया टुडे से जुड़े रहे युवा और प्रतिभाशाली फोटोग्राफर व वरिष्ठ पत्रकार गौरव सिंघल ने कहा है कि यह उत्तर प्रदेश की जनता का सौभाग्य है कि उन्हें भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव से प्रेरित होने वाला मुख्यमंत्री मिला है। जिनको प्रदेश की जनता को पूर्ण सहयोग देना ही चाहिए। उत्तर प्रदेश के उज्जवल भविष्य ने भारत को फिर से विश्व शिखर पर पहुंचाया है।

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Prakash Pandey

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