लखनऊ. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लंबे समय से बंद चले आ रहे स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को खोलने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाया है. कक्षा 9 से 12 तक स्कूल खोलने के अपने आदेश के बाद राज्य सरकार में अब विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों 15 अक्टूबर से पी एच डी और पोस्ट ग्रेजुएट के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का फैसला किया है. हालांकि फिलवक्त केवल विज्ञान और तकनीक के ऐसे विद्यार्थियों को कैंपस में बुलाया जाएगा जिन्हें प्रयोगशाला की जरूरत होती है.
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी की गाइडलाइन
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव योगेंद्र दत्त त्रिपाठी ने संस्थानों को खोलने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. गाइडलाइन के मुताबिक…
1- विद्यार्थियों के समय सारणी को इस तरह बनाया जाएगा कि वह कैंपस के साथ ऑनलाइन क्लास भी कर सकेंगे.
2- विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल और कक्षाएं कराने के लिए ग्रुप में बांट कर अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा.
3- प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रयोगशाला में 4 वर्ग मीटर की जगह की व्यवस्था किए जाने के आदेश दिए गए हैं.
4- सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन में विद्यार्थियों के बीच 6 फीट की शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए कहा गया है.
5- कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी शिक्षक और कर्मचारियों को संस्थान में उपस्थित होने से रोका गया है.
6- शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी को फेस मास्क पहनने, हाथों को साबुन पानी या सैनिटाइजर से साफ करने के लिए निर्देशित किया गया है.
7- गर्भवती महिला कर्मचारियों, बीमार कर्मियों, वृद्ध कर्मचारियों को छात्रों के सीधे संपर्क से दूर रखने के लिए कहा गया है.
8- कैंपस में आरोग्य सेतु एप का प्रयोग अनिवार्य किया गया है.
9- कैंपस में विद्यार्थी एक दूसरे से लैपटॉप, नोटबुक, पेन और स्टेशनरी जैसी चीजें नहीं ले सकेंगे.
10- जहां कैंपस में स्विमिंग पूल बंद रखने को कहा गया है वहीं क्लास, प्रयोगशाला, अन्य स्थानों पर विद्यार्थी, कर्मचारी और शिक्षकों के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन का प्रयोग करने का आदेश दिया गया है.
11-कैम्पस में बाहरी लोगों के आने जाने पर रोक रहेगी.
12-कैंटीन को बंद और विद्यार्थियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति से मुक्त रखा गया है जबकि शिक्षकों को रजिस्टर पर उपस्थिति लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

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