बिहार का जहानाबाद. आपने दीवानगी से जुड़ी बहुत सी बातें सुनी और देखी होंगी लेकिन राजनीतिक व्यक्ति के लिए जिस दीवानगी कि हम बात करने जा रहे हैं वह निश्चित रूप से आप पहली बार सुनेंगे. बिहार में नीतीश कुमार के सीएम बनने की खुशी पर एक शख्स हर बार अपनी एक-एक अंगुली काटकर गौरैया बाबा को चढ़ा देता है. 16 नवंबर को यह चौथा मौका था जब उसने अपनी उंगली काटकर बलि दी है.
कौन है शख्स
दरअसल, जहानाबाद के घोसी थाना इलाके में आने वाले बेना गांव के निवासी अनिल कुमार शर्मा उर्फ अली बाबा की चर्चा यहां पर हो रही है. अलीबाबा की उम्र 45 साल है. साल 2005 में सबसे पहले उन्होंने नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद अपनी उंगली काट कर गौरैया बाबा को भेंट चढ़ाई थी. इसके बाद से यह सिलसिला लगातार जारी है. 2005 से जब भी नीतीश कुमार सीएम बने हैं अलीबाबा ने अपनी एक उंगली काट कर उसकी बलि दी है.
क्या है कारण
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अनिल कुमार शर्मा नीतीश कुमार के जीतने पर अपनी एक उंगली काट कर गौरैया बाबा को समर्पित करने की मान्यता मांग रखी है. यही कारण है कि जब-जब नीतीश कुमार बिहार की सत्ता पर काबिज होते हैं तब अनिल कुमार शर्मा अपनी एक उंगली काट कर गौरैया बाबा को समर्पित कर देते हैं.
नीतीश ना जीतते तो गर्दन काट लेता
अनिल कुमार शर्मा की अंगुली काटने और भेंट चढ़ाए जाने की सूचना पर कवरेज करने गए मीडिया वालों से जो उसने कहा वह हैरान करने वाला था. अनिल कुमार शर्मा ने मीडिया को बताया कि, “अगर इस बार नीतीश कुमार की सरकार नहीं बनती तो वह अपनी गर्दन भी काट लेता.”
अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि, “जिस तरह से एग्जिट पोल में नीतीश कुमार को हारते हुए दिखाया जा रहा था उससे वह इतना गमगीन हो गया कि उसने 4 दिनों तक खाना पानी भी छोड़ दिया था.”
सीएम के आने पर ही इलाज होगा
अनिल कुमार शर्मा ने मीडिया को बताया कि जब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उससे नहीं मिलेंगे वह अपना इलाज भी नहीं कराएगा. अनिल कुमार शर्मा के बारे में गांव के लोगों के मुताबिक वह कहीं बाहर काम करता था लेकिन विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही गांव आकर उसने अपनी संपत्ति बेच दी और फिर नीतीश कुमार का प्रचार करने लगा. दीवानगी और प्रेम की ऐसी मिसाल निश्चित रूप से अनिल कुमार शर्मा के लिए अच्छा हो सकता है लेकिन यह निर्णय कितना सही है इसका फैसला आप कीजिए.

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