उत्तर प्रदेश सरकार ने 23 नवंबर से यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को खोलने का फैसला किया है. इसके लिए बाकायदा गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है. 25 मार्च से देशभर में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लगाया गया था, तभी से देश के स्कूल कॉलेज अन्य सभी शिक्षक संस्थान बंद है. हालांकि सरकार ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय लिया है. लेकिन उसमें उपस्थिति को लेकर 50% तक की ही अनुमति दी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 23 नवंबर से कक्षाएं शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं. आदेश को धरातल पर उतारने के लिए जो गाइडलाइन जारी की गई है उसमें कॉलेज और यूनिवर्सिटी में भीड़ इकट्ठी ना हो इसका ध्यान रखने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही 50% से अधिक विद्यार्थियों को कालेज विद्यालय में आने से रोकने को कहा गया है. उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका गर्ग में सभी जिलाअधिकारी और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को कॉलेज कैंपस में स्टूडेंट्स की भीड़ इकट्ठा होने देने के आदेश करते हुए कहा है कि विश्व विद्यालय में कक्षाएं चरणबद्ध तरीके से चलाई जाएं.
गाइड लाइन में क्या खास है?
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक स्कूल कॉलेज में केवल 50% ही छात्र छात्राएं उपस्थित हो सकेंगे.
कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों को मास्क पहनना होगा.
सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखना होगा.
कॉलेज में आने वाले सभी लोगों के थर्मल स्कैनिंग होगी.
इसके साथ ही हैंड वॉश और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी.
आने वाले छात्र-छात्राओं के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी अनिवार्य होगी.
सभी विद्यार्थियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा.
स्टूडेंट्स अपनी पुस्तकें, लैपटॉप, पेन आदि एक दूसरे से शेयर नहीं कर सकेंगे.
संस्थान के गेट पर स्टूडेंट के निकलते समय किसी भी तरह की भीड़ नहीं हो सकेगी.
विश्वविद्यालयों के साथ हॉस्टल भी खोलने की अनुमति दी गई है.
हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थी कमरा शेयर नहीं कर सकेंगे.
कैंपस में किसी भी आने वाले को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
हॉस्टल में स्टूडेंट्स डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करने से बचें ऐसी सलाह दी गई है. सरकार ने छोटे-छोटे समूहों में विद्यार्थियों को खाना खाने की सलाह दी है.
कंटेनमेंट जोन की स्थिति में विश्वविद्यालय और कॉलेजों को खोलने की अनुमति नहीं होगी.
कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र शिक्षक और कर्मचारी संस्थानों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे.
कॉलेज आने के लिए अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य होगी.
इन नियमों को फॉलो किए बिना कॉलेज में नहीं जाया जा सकेगा. हालांकि बेसिक शिक्षा और जूनियर स्कूलों को लेकर सरकार अभी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है.

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