उत्तर प्रदेश का लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी दिल्ली से आने वाले लोगों का रैंडम कोविड-19 टेस्ट कराने का निर्णय किया है. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले हैं. हरियाणा और यूपी की सीमा पर पहले ही 18 नवंबर से लगातार रेंडम कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है. अब सरकार ऐसे लोग जो दिल्ली से फ्लाइट, बस और ट्रेन के जरिए यूपी में आ रहे हैं, उनका कोरोना टेस्ट कराएगी. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी में इस बाबत जानकारी दी है.
प्रमुख सचिव ने कहा है कि हम राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मामलों में उछाल के मद्देनजर उड़ान, बस या ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से आने वाले लोगों का परीक्षण करेंगे.
अभी कहां-कहां हो रहा है कोरोना टेस्ट
जान लेना महत्वपूर्ण है कि 18 नवंबर से दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों का कोविड-19 किया जा रहा है. दिल्ली से नोएडा में घुसने वाले कई रास्तों पर लोगों की सैंपलिंग की जा रही है. नोएडा प्रशासन दिल्ली से नोएडा में घुसने वाले पांच एंट्री और 11 मेट्रो स्टेशन पर लोगों का एंटीजन टेस्ट कर रहा है. इसके पीछे प्रशासन का तर्क है कि हर रोज लाखों लोग दिल्ली से नोएडा आते हैं जिससे संक्रमण नोएडा पहुंच रहा है. नोएडा स्वास्थ्य विभाग की टीमें दिल्ली बॉर्डर पर रेंडम सेंपलिंग कर रही है. इसके लिए डीएनडी, मयूर विहार, नोएडा बॉर्डर, कालिंदी कुंज, कोंडली, न्यू अशोक नगर जैसी प्रमुख जगहों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें नोएडा सिटी सेंटर, नोएडा सेक्टर 16, सेक्टर 18, मेट्रो स्टेशनों पर भी टेस्टिंग कर रही है.
गौतमबुद्ध नगर, हरियाणा फरीदाबाद और गुरु ग्राम स्थानीय प्रशासन भी राष्ट्रीय राजधानी से आने वाले यात्रियों का रेंडम टेस्ट कर रहा है.
दिल्ली में बढ़ी कोरोना की बीमारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप धारण कर लिया है. वर्तमान में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा शुरुआती दौर से कहीं ज्यादा है. स्थितियों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एक बार फिर से कमान अपने हाथ में ली है. दिल्ली में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वाले लोग के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है और 2000 रुपये तक जुर्माना ठोका जा रहा है.

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