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Coronavirus Returns: शादियों पर फिर मंडराया संकट, यूपी में सीमित हुई मेहमानों की संख्या, कई राज्यों में रात पर पहरा

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से आम लोगों में फिर से बेचैनी पैदा होने लगी है. कई राज्यों ने रात का कर्फ्यू लगा दिया तो कहीं फिर से लॉकडाउन लगाने की बात चर्चा में है. देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में शादी विवाह में मेहमानों की संख्या फिर से सीमित कर दी है. राज्य सरकार के मुताबिक अब राज्य में शादी विवाह में 100 मेहमान से अधिक शामिल नहीं हो सकेंगे. रविवार देर शाम तक विवाह को लेकर गाइडलाइन आने की उम्मीद है.
25 नवंबर को देश उठनी एकादशी है और इस दिन से वैवाहिक आयोजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो जाता है. मार्च से ही शादियों पर गहराए संकट के बीच जून में लोगों को राहत दी गई थी लेकिन बदलते मौसम में और कोरोना की दस्तक ने फिर से शादियों को संकट में डाल दिया है. दिल्ली में कोरोना हाहाकार मचा रहा है. इससे सतर्क होकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर से सामूहिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कर लिया है. इस साल मुहूर्त 11 दिसंबर तक है इसके बाद फिर अप्रैल में. बीच में कोई मुहूर्त नहीं है. दिल्ली और उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के कई राज्यों में सरकारों ने अब सख्ती बढ़ानी शुरू कर दी है.

दिल्ली में भी मेहमानों की संख्या घट गई

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने शादी के मौके पर शामिल होने वालों की संख्या घटाकर 50 कर दी है. पहले यह संख्या 200 थी. कई राज्य इसी ट्रैक पर चल पड़े हैं. माना जा रहा है बिहार झारखंड सहित कई राज्यों में भीड़भाड़ और शादी विवाह जैसे आयोजनों में एक-दो दिन में फैसला हो सकता है.

उत्तर प्रदेश शादी में शामिल होंगे 100 लोग

दिल्ली में कोरोना के हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सामूहिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया है. सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने शादी समारोह में केवल 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी है. मुख्यमंत्री ने टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक में सार्वजनिक जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही वैवाहिक समारोह में सिर्फ 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी. साथ ही साथ अधिकारियों को सख्ती के साथ नियम के पालन करने के लिए भी निर्देशित किया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्ती के साथ नियम पालन करने के लिए भी निर्देशित किया. सीएम ने जिलाधिकारी और एसएसपी को विशेष निगरानी करने के लिए निर्देशित किया. गौरतलब है कि मेहमानों के शामिल होने की संख्या छूट के बाद 200 हो गई थी.

महाराष्ट्र में उड़ान पर लगाम

कोरोना के हालात को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार दिल्ली-मुंबई के बीच उड़ानों को रोकने की योजना बना रही है. हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी ऐसा कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया. महाराष्ट्र सरकार के इस चिंतन का कारण दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले हैं. महाराष्ट्र के मुख्य सचिव संजय कुमार के मुताबिक, “पिछले कुछ दिनों में मुंबई में कोरोना मामलों में तेजी से कमी आई है जबकि दिल्ली में इन दिनों कोरोनावायरस के केस बढ़ने शुरू हो गए हैं. मुंबई में पुनः कोरोना की एक और लहर शुरू न हो जाए, इसी सावधानी के चलते सरकार को दिल्ली से आने वाले विमानों व ट्रेनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है.”

कई राज्यों में रात का कर्फ्यू

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर से कई राज्यों ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. गुजरात और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान के कई जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी गई है. राजस्थान में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इससे चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों में फिर से नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है. फिलवक्त राजस्थान के 8 जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाया गया है.

शादी वाले परिवारों में फिर चिंता के बादल

सरकारों के फैसले के बाद शादी वाले परिवारों में एक बार फिर चिंता के बादल मंडराने लगे हैं. जिन घरों में शादियां हैं वहां वर और वधू पक्ष के लोगों में मेहमानों को बुलाने को लेकर चिंता सता रही है. वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के प्रसार को कम करने के चलते 22 मार्च से घोषित लॉकडाउन के दौरान वैवाहिक कार्यक्रमों पर पाबंदियां लगाई गई थी. अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करने के बाद मई-जून में थोड़ी राहत दी गई थी. कोरोनावायरस के संक्रमण का प्रसार कम होता देख राज्य सरकारों ने पाबंदियां धीरे-धीरे हटानी शुरू कर दी थी जिससे एक बार को लगने लगा कि कोरोना संक्रमण की देश से विदाई निश्चित हो गई है लेकिन कोरोना महामारी के दुबारा दस्तक देने से सबसे पहला और बड़ा प्रभाव शादी विवाह वाले घरों पर देखा जा रहा है. दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे राज्यों में कोरोनावायरस के मामले बढ़ रहे हैं.

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Prakash Pandey

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