बोल वचन खास

आधी आबादी की सुरक्षा पर सवाल, वर्चुअल दुनिया में भी असुरक्षि​त महिलाएं, ऑनलाइन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का सामना

आधी आबादी की सुरक्षा और उनका सम्मान अपने आप मे एक सवाल बन गया है. दुनिया के 22 देशों में किये गए एक वैश्विक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन हिंसा और दुर्व्यवहार का शिकार होने वाली बड़ी आबादी में लड़कियों और युवा महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है.
ब्रिटेन के संगठन ‘प्लान इंटरनेशनल’ ने इसपर सर्वे किया है. सर्वे का शीर्षक ‘स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स गर्ल्स रिपोर्ट’ यानी दुनिया में लड़कियों की स्थिति है. भारत, ब्राजील, नाइजीरिया, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, थाईलैंड और अमेरिका समेत 22 देशों की 15-25 वर्ष की 14,000 किशोरियों और महिलाओं ने इस सर्वेक्षण में हिस्सा लिया.
सर्वेक्षण में भाग लेने वाली 58 प्रतिशत लड़कियों और महिलाओं ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सऐप और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है. प्रभावित महिलाओं का प्रतिशत दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए समान था.
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस से पहले जारी हुए सर्वेक्षण के अनुसार, ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करने वाली लड़कियों में से 47 फीसदी को शारीरिक और यौन हिंसा की धमकियां मिलीं जबकि 59 फीसदी को दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ा.
सर्वेक्षण के मुताबिक, अल्पसंख्यक और एलजीबीटीक्यू समुदायों से ताल्लुक रखनेवाली महिलाओं का कहना है कि उन्हें उनकी पहचान की वजह से निशाना बनाया गया. प्लान इंटरनेशनल की मुख्य कार्यकारी एन-बिरगिट अलब्रेस्टन ने कहा, लड़कियों को उत्पीड़न के जरिये चुप कराया जा रहा है.
लैंगिक समानता और एलजीबीटी समेत अन्य मुद्दों पर बोलने वाले कार्यकर्ताओं को भी प्राय: निशाना बनाया जाता है. ऐसे लोगों और उनके परिवार को धमकियां मिलती हैं.

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Prakash Pandey

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