विविध

Knowledge: इतिहास के पन्नों में क्यों ख़ास है 23 नवंबर की तारीख़, जान लीजिए

डॉ. डैनी सक्सेना

आज ही के दिन सन् 1989 ई. में कृष्ण चन्दर (23.11.1914 – 08.03.1977) का जन्म हुआ था। वे हिन्दी और उर्दू के कहानीकार थे। उन्हें साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होने मुख्यतः उर्दू में लिखा किन्तु भारत की स्वतंत्रता के बाद मुख्यतः हिन्दी में लिखा।

आज ही के दिन सन् 1830 ई. में डॉ॰ (सर) जगदीश चन्द्र बसु (30.11.1858 – 23.11.1937) का निधन हुआ था। वे भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी पर कार्य किया। वनस्पति विज्ञान में उन्होनें कई महत्त्वपूर्ण खोजें की। साथ ही वे भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्त्ता थे। वे भारत के पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने एक अमरीकन पेटेंट प्राप्त किया। उन्हें रेडियो विज्ञान का पिता माना जाता है। वे विज्ञानकथाएँ भी लिखते थे और उन्हें बंगाली विज्ञानकथा-साहित्य का पिता भी माना जाता है।

आज ही के दिन सन् 1864 ई. में सखाराम गणेश देउस्कर (17.12.1869 – 23.11.1912) का निधन हुआ था। वे क्रांतिकारी लेखक, इतिहासकार तथा पत्रकार थे। वे भारतीय जन-जागरण के ऐसे विचारक थे जिनके चिंतन और लेखन में स्थानीयता और अखिल बांग्ला तथा चिंतन-मनन का क्षेत्र इतिहास, अर्थशास्त्र, समाज एवं साहित्य था। देउस्कर भारतीय जनजागरण के ऐसे विचारक थे जिनके चिंतन और लेखन में स्थानीयता और अखिल भारतीयता का अद्भुत संगम था। वे महाराष्ट्र और बंगाल के नवजागरण के बीच सेतु के समान है।

आज ही के दिन सन् 1892 ई. में नीरद चन्द्र चौधरी (23.11.1897 – 01.08.1999) का जन्म हुआ था। वे भारत में जन्मे प्रसिद्ध बांग्ला तथा अंग्रेज़ी लेखक और विद्वान, जिनकी अंतिम पुस्तक ‘थ्री हॉर्समेन ऑफ़ द न्यू एपोकैलिप्स’ (1997) का प्रकाशन उनके सौवें जन्मदिन से कुछ ही दिन पहले हुआ था।


About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Follow us @ social media

Follow us @ Facebook

विविध