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Svamitva yojna: क्या है स्वामित्व योजना और कैसे आपको इस योजना का फायदा होगा? जिसका पीएम मोदी ने शुरुआत किया, जानिए सब कुछ

पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2020 को स्वामित्व योजना की लॉन्चिंग के बाद आखिरकार 11 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को अमलीजामा पहना ही दिया. प्रधानमंत्री के योजना की शुरुआत करने के साथ ही पहले दिन तकरीबन सवा लाख लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए. हालांकि कोरोना अभी बाधक बना लेकिन वैश्विक महामारी में भीड़ इकट्ठी ना हो इसके लिए सरकार ने स्वामित्व कार्ड मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए भेजे हैं. जिनको कार्ड भेजे गए हैं वह लिंक से अपना कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.

राज्य सरकारों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

हालांकि केंद्र सरकार ने योजना का शुरुआत तो कर दिया है लेकिन इसे धरातल पर राज्य सरकारें उतारेगी. राज्य सरकारें ही असल कार्ड लोगों तक पहुंचाएगी. फिलहाल उत्तर प्रदेश के 346 गांव, हरियाणा के 221 गांव, महाराष्ट्र के 100, उत्तराखंड के 50 और मध्य प्रदेश के 44 गांव के कार्ड बनाए गए हैं.

क्या है स्वामित्व योजना

अगर आप स्वामित्व योजना के बारे में नहीं जानते हैं तो हम योजना के बारे में आपसे विस्तार से चर्चा करेंगे. पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2020 के दिन केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पंचायती दिवस पर इस योजना को लांच किया था. पंचायती राज मंत्रालय ही इस योजना को लागू कराने वाला नोडल मंत्रालय है. राज्यों में योजना के लिए राजस्व भूलेख विभाग नोडल विभाग कार्यरत हैं. इसके तहत प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाता है जिसमें ड्रोन की मदद ली जाती है. सर्वे के लिए सर्वे ऑफ इंडिया नोडल एजेंसी है.

योजना का उद्देश्य क्या है

यहां योजना के उद्देश्य की बात की जाए तो ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन ड्रोन सर्वे टेक्नोलॉजी के माध्यम से करवाना इसका असली मकसद है जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बन जाएगा. जिसका इस्तेमाल बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्य कामों में भी लोग आसानी से कर पाएंगे.

कैसे काम करेगी योजना

योजना जितना आसान दिख रही है उतना है नहीं. दरअसल, स्वामित्व योजना के तहत गांव की आवासीय भूमि की पैमाइश ड्रोन के माध्यम से सरकार करवाएगी. इसके बाद ड्रोन से गांव की सीमा के भीतर आने वाली हर प्रॉपर्टी का एक डिजिटल नक्शा तैयार कराने का काम किया जाएगा. इतना ही नहीं हर रिवेन्यू ब्लॉक की सीमा भी तय करने का काम होगा जिसका सीधा सा मतलब है कि कौन सा घर कितने एरिया में है, इसका पता ड्रोन टेक्नोलॉजी से सटीक चल सकेगा. गांव के हर घर का प्रॉपर्टी कार्ड राज्य सरकारें बनाने का काम करेंगी.

इससे फायदा क्या होगा

1- प्रॉपर्टी के मालिक को उसका मालिकाना हक आसानी से मिल जाएगा.

2- कितनी प्रॉपर्टी का वह मालिक है यह तय होने पर उसके दाम भी आसानी से तय किए जा सकते हैं.

3-प्रॉपर्टी कार्ड का इस्तेमाल लोन लेने में लोगों को आसानी होगी.

4- पंचायती स्तर पर टैक्स व्यवस्था में सुधार दिखाई देगा.

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Prakash Pandey

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