वैश्विक महामारी कोरोना के चलते मार्च के दूसरे सप्ताह से ही स्कूल कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद है, स्टूडेंट्स ऑन लाइन क्लास कर रहे हैं. अब खबर है कि सरकार स्कूलों को सितंबर-अक्तूबर में फिर से खोलने की तैयारी चल रही है. हालांकि सरकार कोरोना के हालात को देखने के बाद ही मध्य सितंबर में अंतिम फैसला ले सकती है. पढ़ाई का नुकसान होने के बावजूद यह साल ‘जीरो वर्ष’ नहीं होगा.
इसको लेकर सरकार के जिम्मेदार मंत्री और अधिकारियों ने बैठक में तय किया है कि चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोला जाएगा. प्राथमिक कक्षाएं घर से ही चलेंगी. एक अधिकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2020-21 का लगभग आधा सत्र समाप्त हो चुका है. अनलॉक-3 में देश खुल रहा है, लेकिन शिक्षण संस्थान को खोलने का निर्णय अभी तक नहीं लिया जा सका है. उन्होंने बताया कि स्कूलों को खोलने के लिए राज्यों के जरिये अभिभावकों की राय लेने का काम किया गया था. इसमें राज्यों की अलग-अलग राय सामने आयी है. कुछ राज्य सितंबर में जबकि कुछ अक्तूबर में स्कूल खोलने के पक्ष में हैं. अभिभावकों के पक्ष की बात करें तो वे अक्तूबर तक खोलने के पक्षधर हैं.
अधिकारी ने बताया कि टीवी, रेडियो, मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर से ऑनलाइन क्लास जारी है लेकिन पूरी तरह ऑनलाइन पढ़ाई संभव नहीं है. यही वजह है कि सितंबर या अक्तूबर में स्कूल दोबारा खोलने का प्रयास किया जाना चाहिए. शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और गृहमंत्रालय मिलकर गाइडलाइन तैयार करेंगे. हालांकि स्कूल खोलने का आखिरी फैसला राज्यों पर छोड़ा जाएगा.
किन व्यवस्था के तहत खुलेंगे स्कूल
टीचर्स समेत कर्मचारियों का होगा कोरोना टेस्ट
स्कूल के सभी शिक्षक व कर्मचारियों को कोरोना टेस्ट करवाना होगा. सर्दी व बुखार की स्थिति में छात्रों को स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी.हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा.
शिफ्ट के तहत यह होगी व्यवस्था
स्कूलों को शिफ्टों में खोले जाने का प्रस्ताव है. पहली शिफ्ट सुबह आठ से 11 और दूसरी 12 से 3 बजे तक रहेगी. सेनिटाइजेशन के लिए एक घंटे का ब्रेक होगा. स्कूलों से कहा जायेगा कि वह 33 प्रतिशत टीचिंग स्टाफ के साथ काम करें. एक क्लासरूम में दोबारा क्लास लेने के बीच 15 से 24 घंटे का अंतराल जरूरी होगा. स्थानीय प्रशासन स्कूलों पर नजर रखेगा.
क्लास का समय होगा कम
स्कूल दोबारा खुलने पर समय-सीमा तीन या चार घंटे की रहेगी. इसका उद्देश्य जरूरी विषयों की पढ़ाई करवानी होगी. बताया जा रहा है कि एक दिन एक विषय दूसरे दिन दूसरे विषय की पढ़ाई होगी. इस दौरान कम से कम किताब छात्रों को स्कूल लाना होगा. समय घटाने के कारण स्कूल में लंच ब्रेक नहीं होगा.
छठीं कक्षा को नवम्बर में मौका
दिवाली तक यदि हालात सुधरते हैं तो छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को भी शिफ्टों में स्कूल बुलाने पर विचार किया जाएगा. हालांकि पहले की तरह यहां भी सावधानी व नियमों का पालन करना जरूरी होगा.

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