सहारनपुर/पानीपत. कोरोना वायरस पर भूख भारी पड़ रही है. सरकारी इंतजामों पर भरोसा ना कर मजदूर हर हाल में अपने घर पहुंचने के लिए अलग-अलग रास्ते निकाल रहे हैं. मजदूरों का पलायन जारी है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि मजदूरों ने अब रेल की पटरी और तपती हुई सड़कों के अलावा एक नया जोखिम भरा रास्ता पकड़ लिया है.

उत्तर प्रदेश से लगे यमुना नदी से विचलित कर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. सैकड़ों की संख्या में मजदूर अपने सिर पर 40 से 50 किलो तक का वजन रखकर नदी पार करते हुए अपने घर जाने की जिद पर चल रहे हैं.

मजदूरों के साथ उनके परिवार यानी उनकी महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. तस्वीरों में जरूरी सामान के साथ कुछ लोगों के हाथ में साइकिल भी देखी जा सकती है.
हरियाणा और यूपी के बीच बॉर्डर के पास यमुना नदी में दिखाई देने वाली तस्वीरें विचलित करने वाली रही. सरकार की तमाम दलीलों के बाद भी मजदूरों का पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है. विद्वानों का कहना है कि सरकार मजदूरों का भरोसा जीतने में नाकामयाब रही जिसके चलते इस तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं.

ये मज़दूर हरियाणा और पंजाब से आ रहे हैं, बॉर्डर पर सख्ती के बाद मज़दूरों ने नदी के रास्तों को पकड़ लिया है.





Add Comment