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पलायन का बड़ा दर्द, 21 साल की विलकांग घसीटते हुए पहुंची, पुलिस ने पकड़ लिया और फिर..

छत्तीसगढ़. लॉक डाउन में देश बंदी के चलते मजदूर पैदल ही अपने घरों को निकल रहे हैं. रोजी रोटी की चिंता के चलते वह अपने कर्म स्थान को छोड़कर गृह जनपद जाने को आतुर हैं. इसी बीच ऐसी तस्वीरें भी आ रही है जो विचलित कर देती हैं.
ताजा मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जनपद की जांजगीर मुंड पार की रहने वाली 21 साल की दिव्यांग चंद्रिका का है. गुरुग्राम में ईंट भट्टे पर मजदूरी करने वाली चंद्रिका काम धंधा बंद हुआ तो साथी मजदूरों के साथ घर के लिए चल पड़ी.
सबसे दुखद बात यह रही कि गुरु ग्राम से आगरा तक चंद्रिका घसीटते हुए पहुंची जहां पुलिस में चंद्रिका को रोक लिया. चंद्रिका से पूरी जानकारी लेने के बाद पुलिस ने सभी मजदूरों को खाना खिलाया और गाड़ियों में बैठा कर आगे के लिए रवाना कर दिया.
घसीट कर 170 किलोमीटर आने के विषय में चंद्रिका ने बताया कि उन लोगों के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था. खाने-पीने क्या दिक्कत हो रहा था. 5 दिन लग गए गुरु ग्राम से आगरा पहुंचने में. चंद्रिका ने बताया कि उनके साथ उनकी मां गंगा बाई और गांव के 32 लोग थे जो गुरुग्राम में ईंट भट्टे पर काम करते थे.

यूपी पुलिस का धन्यवाद

चंद्रिका ने यूपी पुलिस का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने मानवीय व्यवहार करते हुए खाना खिलाया और उनकी मदद के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई जिसके चलते वह अपने घर बिलासपुर पहुंच सके.

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Prakash Pandey

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