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अगर लॉक डाउन में आपसे कोई मकान का किराया मांग रहा है या आप किसी से किराया मांग रहे हैं तो एक बार यह खबर जरूर पढ़ लीजिए, होश उड़ जाएंगे

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए देश को बंद रखा गया है. देश में देश बंदी की गई है. इस बीच में सरकार ने लोगों से एक दूसरे की मदद करने के लिए कहा था. सरकार ने आदेश जारी करते हुए 3 महीने तक श्रमिकों और छात्रों से किराया ना लेने के लिए कहा था.
किराया लेने की जबरदस्ती और उसके बाद की सजा दोनों का एक उदाहरण दिल्ली से सामने आया है. लॉक डाउन के कारण लोगों के पास पैसों की कमी है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वासियों से अपील की थी कि अपने किरायेदारों से 3 महीने तक किराया ना लें बावजूद इसके कुछ मकान मालिक तो मान गए लेकिन कुछ ने सरकार की अपील को अनसुना किया और जिद बाजी में किराए की मांग की.
नो किरायेदारों की शिकायत पर पुलिस ने 9 मकान मालिकों पर लॉक डाउन में किराए मांगने का मुकदमा दर्ज किया है. सभी की एफ आई आर दिल्ली पश्चिम के मुखर्जी नगर में दर्ज की गई है. मुखर्जी नगर में ज्यादातर किराया पीजी में रहते हैं जिनका आरोप है कि मकान मालिक लॉक डाउन में किराया मांगने पहुंचे और उन पर दबाव बनाया. किरायेदारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पास देने के लिए पैसा नहीं है.

किस धारा में होता है मुकदमा

यदि कोई मकान मालिक दबाव बनाकर किसी किराएदार से किराया मांगने पहुंचता है तो पुलिस उसमें मुकदमे की कार्रवाई करती है. दिल्ली में भी यही हुआ, मालिक के दबाव के बाद शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया. यहां यह जान लेना जरूरी है कि धारा 188 सरकारी काम में बाधा डालने पर लगाई जाती है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मकान मालिकों को 1 महीने का किराया नहीं बल्कि 1 महीने की जेल होगी और जुर्माना भी भरना पड़ेगा.

किराए को लेकर क्या कहती है भारत सरकार

केंद्र सरकार ने इस बाबत गाइडलाइन जारी की है जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई मकान मालिक श्रमिकों या छात्रों से किराए के लिए दबाव बनाता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी जिसकी अनुपालन की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट या डिप्टी कमिश्नर पर रहेगी. एसएसपी, एसपी, डिप्टी पुलिस कमिश्नर भी इस कानून के तहत ऐक्शन लेने का काम कर सकते हैं.
ऐसे में ऐसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है जो किरायेदारों से किराया मांगने का दबाव बना रहे हैं या फिर किराया लेने का दबाव बना रहे हैं.

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Prakash Pandey

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