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बोल वचन खास

मास्क को लेकर नया अपडेट सामने आया है, जानिये क्या फायदा और नुकसान है

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से बचाव के लिए पूरी दुनिया वैक्सीन की तैयारी में लगी हुई है. कई देशों में इस पर काम चल रहा है. इन्हीं तैयारियों के बीच मास्क को लेकर आश्चर्यजनक रिसर्च सामने आई है. वैज्ञानिक मानते हैं कि मास्क कोरोनावायरस के संक्रमण को कम कर सकता है. यह जरूर है कि पूरी तरह से वायरस को रोक नहीं सकता. इतना ही नहीं मास्क इम्यूनिटी डिवेलप करने में मददगार साबित हो रहा है.
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एमडी मोनिका गांधी और जॉर्ज रदरफोर्ड की रिसर्च के मुताबिक मास्क पहनने से हवा में रहने वाले वायरस नाक और मुंह में प्रवेश नहीं कर पाते. मास्क कोरोना को रोकने में मदद करता है. इतना ही नहीं मास्क को लेकर बोस्टन की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है, बताया गया है कि मार्च के अंत में नगरपालिका अस्पतालों में सभी के मास्क लगाने का नियम लागू करने के बाद वहां कोरोनावायरस मामलों में कमी आई थी. हाल ही में वायरोलॉजिक, एपिडेमोलॉजिक और इकोलॉजिक डाटा से भी यह जानकारी लगी थी कि मास्क लगाने से संक्रमित होने वाले व्यक्तियों में बीमारी की गंभीरता कम हुई थी.

वैज्ञानिकों को चेचक जैसा लगता है कोरोना

कोविड-19 के मामले में वैज्ञानिक को चेचक की तरह ही मान कर चल रहे हैं. इसके पीछे का कारण है वेरियोलेशन. वेरियोलेशन एक ऐसी प्रक्रिया थी जो चेचक की वैक्सीन बनने से पहले प्रयोग में लाई गई थी. इस विधि के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति चेचक से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आता था जिसके बाद में संक्रमित हो जाता था और फिर स्वस्थ व्यक्ति में चेचक के लक्षण दिखाई देने लगते. ठीक ऐसा ही कोरोना के मामले में भी है. वैज्ञानिकों का तर्क है कि मास्क लगाने से वायरस कम मात्रा में शरीर में प्रवेश करता है जिसके चलते प्रभावित व्यक्ति जल्दी स्वस्थ हो जाता है. इसके अलावा इम्यूनिटी भी विकसित हो जाती है.
चूहों पर मास्क को लेकर एक प्रयोग हुआ था जिसमें यह तथ्य सामने आए कि जिन चूहों ने मास्क पहना था उन्हें इंफेक्शन होने की संभावना कम रही और यदि उन्हें इंफेक्शन हुआ भी तो बहुत कम हुआ. यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया दी है.

ऐसी खोज पहली बार नहीं हुई है

मास्टर को लेकर इस तरह का प्रयोग पहली बार नहीं हुआ है. एनल्स आफ इंटरनल मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कई परतों वाले सूती कपड़ों के मास्क ड्रॉपलेट्स और एरोसोल को रोकते हैं. कहने का मतलब है इस तरह के मास्क खांसी छींक आने के बाद मुंह नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स हवा में नहीं फैलने देंगे. वह मास्क में ही रह जाएंगे.
मास्क पहनने के दो महत्वपूर्ण फायदे होते हैं एक संक्रमित व्यक्ति अपने आसपास की हवा को दूषित नहीं कर सकता और दूसरा मास्क स्वस्थ लोगों को दूषित हवा अंदर लेने से रोकने में मदद करता है. यह जानकारी अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक यूनिवर्सिटी आफ न्यू साउथ वेल्स की एपिडेमियोलॉजिस्ट रैना मैकिनटायर ने दुनिया से साझा की है.
मास्क को लेकर दी जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ से जुड़ी मेग जॉर्डइन कहती है कि मास्क लगाना एक परोपकारी काम है जो हवा को दूषित होने से बचाता है. वह कहती हैं मास्क वायरस से पूरी तरह सुरक्षा नहीं देता केवल रिस्क के लेवल को कम करता है.(महत्वपूर्ण तथ्य दी लल्लनटॉप से साभार)

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Prakash Pandey

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