उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार दिया है. सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी (सीआईएसफ) की तर्ज पर अधिकार देते हुए प्रदेश का विशेष सुरक्षा बल का गठन किया है. जिसका नाम “उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल” (यूपीएसएसएफ) दिया गया है. सबसे महत्वपूर्ण है की इस स्पेशल टीम को बिना वारंट के तलाशी और गिरफ्तारी करने का अधिकार दिया गया है.
किस कानून के तहत मिलेगा विशेष अधिकार
गृह विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम 1968 में यह प्रावधान किया गया है कि बल का कोई भी सदस्य ऐसी परिस्थितियों में बिना वारंट और बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के ऐसे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है जो उसके विरुद्ध स्वेच्छा पूर्वक आपराधिक बल का प्रयोग करता है अथवा ऐसा करने का प्रयास करता है. हमला करता है या फिर हमले का प्रयास करता है.
इसी अधिनियम के तहत विशेष परिस्थितियों में बिना वारंट तलाशी लेने का अधिकार है. जब अपराधी के फरार होने अथवा अपराध या साक्ष्य नष्ट किए जाने की आशंका लगे. यदि इस तरह की कोई परिस्थिति होती है तो बल ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है जो उपरोक्त अपराध करता है. प्रदेश सरकार ने भी यूपीएसएसएफ को विशेष परिस्थितियों में बिना वारंट के तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार दिया है.
अचानक नहीं हुआ है गठन
ऐसा नहीं है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अचानक ही यूपीएसएसएफ का गठन कर दिया बल्कि इसके पीछे एक बड़ा कारण है. बीते साल दिसंबर में बिजनौर में कोर्ट में सरेआम अभियुक्त की हत्या के बाद हाईकोर्ट ने फोर्स के गठन को लेकर सरकार को निर्देश दिए थे. करीब 1 माह पहले प्रदेश सरकार ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया था और इसके गठन की मंजूरी दे दी थी. सोमवार को सरकार ने अपने आदेश को अमली जामा पहना दिया.
कहां और कैसे मिलेगी यूपीएसएसएफ की सुरक्षा
यूपीएसएसएफ को मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट, औद्योगिक संस्थानों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, ऐतिहासिक, धार्मिक तीर्थ स्थलों और अन्य संस्थानों के साथ जिला न्यायालय आदि की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा. इतना ही नहीं प्राइवेट इंडस्ट्री भी इस बल की सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा.
कैसे और क्या होगी विशेषता
यूपी सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कई ट्वीट करके यह जानकारी दी गई. एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस प्रकार 05 बटालियन के गठन पर कुल व्यय भार 1747.06 करोड़ अनुमानित है जिसमें वेतन भत्ते व अन्य व्यवस्थाएं भी सम्मिलित हैं. उन्होंने बताया कि इनके प्रथम चरण में पीएसी का सहयोग लेकर कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर शेयर करके इसको आगे ले जाया जाएगा. इस बल के सदस्य को विशेष पॉवर नियमावली के तहत दी जाएगी.
अवस्थी ने कहा, “महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु वर्तमान में 9,919 कर्मी कार्यरत रहेंगे. विशेष सुरक्षा बल के रूप में प्रथम चरण में 5 बटालियन का गठन किया जाना प्रस्तावित है. इन बटालियनों के गठन हेतु कुल 1,913 नये पदों का सृजन किया जाएगा.”

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