SANKALP NEB
सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश. कोरोनावायरस के संकट काल में पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी पर जिलाधिकारी आदेश जारी कर सकते हैं. नए आदेशों के मुताबिक पुस्तक विक्रेता जबरजस्ती स्टेशनरी नहीं दे पाएंगे. साथ ही होम डिलीवरी करनी अनिवार्य हो जाएगी.
दरअसल, सहारनपुर से पत्रकार संकल्प नेब ने एक शिकायत पत्र लिखकर जनपद के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को जानकारी दी कि पुस्तक विक्रेता छात्र छात्राओं के अभिभावकों को जबरदस्ती स्टेशनरी पुस्तकों के साथ दे रहे हैं. इतना ही नहीं होम डिलीवरी से भी पुस्तक विक्रेता बच रहे हैं. संकल्प ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि महामारी के इस दौर में जो व्यापारी अभिभावकों पर गलत तरीके से अपने विकृत मानसिकता थोप रहे उनकी निंदा होनी चाहिए, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि कोई भी पुस्तक व स्टेशनरी बिना बिल के ना खरीदें क्योंकि संभव है कि सरकार भविष्य में अनुदान देने की घोषणा करे. ऐसे में आपको बिल दिखाना होगा.
शिकायत पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कार्यवाही का आश्वासन पत्रकार को दिया है. माना जा रहा है कि जिलाधिकारी कल पुस्तक विक्रेताओं के साथ मीटिंग कर सकते हैं और पुस्तकों की होम डिलीवरी ना कराने और कोर्स के साथ स्टेशनरी जबरन बेचने वालों पर कार्रवाई के आदेश दे सकते हैं.


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