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दुःखद: एएनएम की मौत के बाद क्षेत्र के लोगों ने शव को घर नही लाने दिया, सीधे अंतिम संस्कार

SUBODH K BHOSALE

सहारनपुर. कोरोना पीड़ितों की सेवा में लगे लोगों का जीवन जोखिम के साथ साथ परेशानियों से भी भरा हुआ है. जीवन खोने के बाद भी कर्मयोद्धाओं की समस्या खत्म नही होती. बावजूद इसके कर्म योद्धा अपने कर्मों से पीछे नहीं हट रहे हैं. लेकिन सहारनपुर में आज रविवार को ऐसी घटना घटित हुई जिसके बाद से मानवीय संवेदना ऊपर सवाल उठने लाजमी हैं.
दरअसल शनिवार को कोरोनावायरस पीड़ितों की सेवा में लगी अम्बेडकर पुरम निवासी स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी (ANM)
मेनका (40वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी थी.
मेनका पिछले कुछ समय सेअपने घर में ही रूम क्वॉरेंटाइन थी. अचानक से तबियत खराब हो जाने के बाद उनकी शनिवार को मृत्यु हो गयी थी.
आज रविवार को मृतक मेनका के शव को उनके घर लाया जा रहा था जिस पर अचानक क्षेत्र के लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया. विरोध बढ़ता देख परिवार के लोग मेनका के शव को लेकर सीधे श्मशान घाट गए जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
दरअसल मेनका की ड्यूटी मदर टेरेसा स्कूल में लगाई गई थी जहां कुछ कोरोना पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई थी. बीच में अचानक तबीयत खराब हो जाने से मेनका होम क्वॉरेंटाइन थी. लेकिन शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी दोपहर में मृत्यु हो गई.
हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एस सोढ़ी ने उनकी मृत्यु के कारणों के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से मना कर दिया. उन्होंने कहा था की पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा कि मेनका की मृत्यु की क्या वजह रही?
इस पूरे मामले की जानकारी क्षेत्रीय लोगों को थी. माना जा रहा है कि यही कारण रहा कि मोहल्ले के लोग मेनका के शव को मोहल्ले में नहीं लाने देना चाहते थे.

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Prakash Pandey

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