अभिभावक बच्चों से कोरोना काल में ज्यादा से ज्यादा संवाद करें-डा. विशेष गुप्ता..
कोरोना काल में बच्चें पर मानसिक दवाब बन रहा है- अध्यक्ष राज्य एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उ0प्र0
सहारनपुर:- उत्तर प्रदेश राज्य एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा.विशेष गुप्ता ने बच्चों को शारीरिक रूप से पुनर्वासन प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें मानसिक रूप से एक सुरक्षात्मक भावना पैदा करने की व्यवस्था पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बच्चों के ऊपर मानसिक दबाव बन रहा है. सामाजिक खुलापन न मिलने की वजह से कोरोना काल के कारण यह हो रहा है. ऐसे परिस्थितियों से निपटने के लिए परिवार के अभिभावकों पर जिम्मेदारी है कि वह बच्चों से ज्यादा से ज्यादा संवाद करें.
डा.विशेष गुप्ता मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में बच्चों के लिए कार्य कर रही सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओ के प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता की सूची बनायी जाये जो कि बच्चों की काउन्सिलिंग को लेकर इच्छुक हों. उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन की समस्या तो गंभीर है. बाल संरक्षण आयोग 2015 से नियम बनाये गये थे जो 2016 से नियम लागू हुए. उन्होंने कहा कि ऐसे संकटग्रस्त, वंचित और हाशिये पर खड़े बच्चे जो बिना परिवार के रहते हों और जेल में बंद बंदियों के बच्चों से संबंधित मामलों पर विचार कर उपचारात्मक उपायों को किये जाने की आवश्यकता है. कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बाल अधिकार साक्षरता का प्रसार करना और बच्चों के लिए उपलब्ध सुरक्षोपाय के बारे में जागरूकता फैलाना की जरूरत है. बाल अधिकारों के बारे में आम जनता को जानकारी देने के लिए स्वयं सेवी संस्थाएं महत्वपूर्ण रोल अदा कर सकती हैै.

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