MOHIT RAI JASWAL
सहारनपुर /उत्तर प्रदेश. पिछले कई दिनों से सहारनपुर कोरोना पर जीत के करीब था. 200 के करीब केस के बाद भी सहारनपुर की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की देखरेख के चलते कोरोना के केवल 9 मामले जनपद में रह गए थे लेकिन आज 7 कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद से फिर से जनपद वासियों को महामारी से लड़ने की चुनौती मिली है.
दरअसल देवबंद में मुंबई से आए चार लोग कोरोनावायरस निकले जबकि एक मामला नागल कस्बा का है. दो कोरोना केस आईटीआई में है जो इंदौर से आए थे. इस तरह से कुल मिलाकर 7 नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं. सबसे हैरत वाली बात है कि सभी ट्रैवल केसेस हैं.
जनपद में है 11 हॉटस्पॉट
सहारनपुर के 200 केस में से तकरीबन 191 मरीज ठीक हो चुके थे लेकिन इन 7 मामलों के मिलने के बाद से अब संख्या फिर से 16 हो गई है. जनपद में फिलहाल 11 हॉटस्पॉट केंद्र हैं. इतना ही नहीं सहारनपुर रेड जोन में शामिल है, सैकड़ों की संख्या में अभी जांच की रिपोर्ट आनी बाकी है.
एक पॉजिटिव ने प्रेस की गाड़ी का किया उपयोग
सबसे हैरत की बात यह है कि नांगल कस्बे में मिला कोरोनावायरस मरीज़ प्रेस की गाड़ी में बैठ कर अपने घर पहुंचा था. गौरतलब है कि प्रेस की गाड़ियां समाचार पत्रों को पहुंचाने में प्रयोग होती हैं. इसके साथ ही प्रेस लिखकर बड़े वाहन भी चलाए जा रहे हैं जिसमें सवारी ढोने की सूचनाएं भी आ रही थी. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर नागल कस्बे का व्यक्ति अपने घर पहुंचा.
प्रशासन चेक कराएं प्रेस लिखे बड़े वाहनों को
सरकार द्वारा एक गाड़ी में 2 से अधिक लोगों की अनुमति नहीं है बावजूद इसके लोग बड़ी गाड़ियों खासकर प्रेस की गाड़ियों में भीड़ के साथ चल रहे हैं जो सीधे-सीधे सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक है. जिला प्रशासन को ऐसी गाड़ियों का खासकर सुबह अखबार लाने वाली गाड़ियों का निरीक्षण जरूर करना चाहिए. यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि गाड़ी में कहीं कोई दूसरा व्यक्ति तो नहीं है तभी इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी.





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