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सरकार के ऐलान में संभावनाओं का आधार, अन्नदाता की बढ़ेगी आमदनी 55 लाख को मिलेगा रोजगार, जानिए तीन दिन के एलान की खास बातें

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के चलते देश में लॉक डाउन होने के कारण प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जारी किए गए 20 लाख करोड़ के ऐलान के अनुक्रम में आज तीसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीसरी किस्त देश के सामने रखी.
वित्त मंत्री ने देश के किसानों की आमदनी कृषि क्षेत्र में रोजगार के बढ़ाने के लिए किए गए उपाय कृषि और उसकी बुनियादी संरचना पर बनाई गई सरकारी योजना सभी मुद्दों पर खुलकर ऐलान किया. वित्त मंत्री ने कृषि बुनियादी ढांचा विकास पर एक लाख करोड़ रुपए की योजना की जानकारी देश के सामने मीडिया के जरिए रखी. उन्होंने यह भी बताया कि इसके तहत किसानों की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य है और 5500000 लोगों को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है.
-कृषि बुनियादी ढांचा विकास पर सरकार ने 100000 करोड रुपए की योजना तैयार की है. इसके तहत शीत भंडारण संयंत्रों जैसी बुनियादी ढांचा के निर्माण के लिए कृषि बुनियादी संरचना कोश बनाया जाएगा.
-वित्त मंत्री ने सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों को औपचारिक बनाने के लिए 10000 करोड रुपए की योजना की घोषणा की है इससे करीब दो लाख सूक्ष्म खाद्य इकाइयों को लाभ मिलेगा. इस योजना के तहत बिहार में मखाना के कलेक्टर केरल में रागी, कश्मीर में केसर आंध्र प्रदेश में मिर्च, यूपी में आम से जुड़े कलेक्टर बनाए जा सकते हैं.
-मछली पालन और मछली के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी ढांचागत सुविधाओं को खड़े करने के लिए 20000 करोड रुपए की घोषणा वित्त मंत्री ने की. इसके तहत 11000 करोड रुपए समुंद्री मस्तसय पालन और 9000 करोड़ रुपए फिशरीज के लिए बुनियादी ढांचा पर खर्च किया जाएगा. मछुआरों और उनकी नाव का बीमा होगा. सरकार के इस प्रयास से मत्स्य पालन क्षेत्र में करीब 5500000 लोगों को रोजगार मिलेगा.
-लॉक डाउन में दूध की डिमांड में 20 से 25% की कमी आई है. इसके लिए डेयरी सरकारी समितियों को 2020- 2021 में 2% प्रति वर्ष ब्याज उपदान प्रदान करने की योजना बनाई गई है. इस योजना में 5000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त नगदी से दो करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा.
-भारत को पशुधन वाले देशों में भी गिना जाता है. पशुओं के टीकाकरण की योजना सरकार द्वारा बनाई गई है जिससे पशुओं को रोग मुक्त रखा जा सकेगा. सरकार ने इस कार्य के लिए 13343 करोड रुपए खर्च करने की योजना बनाई है जिससे 53 करोड पशुओं को रोग मुक्त किया जा सकेगा.
-एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड में 15000 करोड रुपए का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है.
-देश में हर्बल खेती के प्रमोशन के लिए 4000 करोड रुपए का प्रावधान है. लगभग 1000000 हेक्टेयर में हर्बल प्रोडक्ट क्षेत्र की जाएगी इससे 5000 करोड़ की आय किसानों को होगी.गंगा किनारे 800 हेक्टेयर क्षेत्र में औषधीय पौधों के कारीडोर का निर्माण किया जायेगा.

-ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन के लिए विकास हेतु पांच सौ करोड रुपए दिए जायेंगे जिसकी मदद से दो लाख मधुमक्खी पालकों को फायदा होगा.
-सब्जी उत्पादक किसान ऑपरेशन ग्रीन के तहत लाभ ले सकेंगे. ऑपरेशन ग्रीन को टमाटर प्याज और आलू से सभी फलों और सब्जियों तक बढ़ाया जाएगा. किसान सिर्फ लाइसेंस धारकों को अनाज और सामान बेच पाते हैं अब इन बाधाओं को समाप्त किया जाएगा.
-किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन भी सरकार करेगी इससे बाधा रहित अंतर राज्य व्यापार और कृषि उपज की ट्रेनिंग के लिए रूपरेखा तैयार की जा सकेगी.
इससे पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले चरण में एमएसएमई सेक्टर और नौकरी पेशा लोगों के लिए राहत का ऐलान किया था. दूसरे चरण में प्रवासी मजदूरों सड़क के किनारे स्टॉल या रेडी लगाने वाले छोटे व्यापारियों स्वरोजगार और छोटे किसानों को राहत दी थी.

वित्त मंत्री ने पहले दिन

-एमएसएमई को तीन लाख करोड़ का लोन
-एनबीएफसी के लिए 30000 करोड रुपए
-सरकारी कांट्रैक्टर्स को राहत -बिजली कंपनियों को 90000 करोड रुपए
-15000 सैलेरी वालों का 3 महीने और पीएफ जमा करने की योजना
-सरकार द्वारा कर्मचारियों और कंपनियों को 3 महीने तक 12 परसेंट की जगह 10 परसेंट पीएफ काटा जाएगा और टीडीएस में 25% की कटौती की घोषणा की गई थी.

जबकि दूसरे दिन

किसानों मजदूरों और रेडी वालों पर सरकारी ध्यान रहा. इसके तहत -दो लाख करोड़ किसानों के लिए 30 हजार करोड़
-छोटे मध्यम किसानों के लिए 50000 करोड़
-रेडी वालों के लिए 2500 करोड़ -मजदूरों के लिए मजदूरों के शहर में सस्ते किराए पर मकान
-वन नेशन वन राशन कार्ड से 67 करोड लोगों को राहत पहुंचाने का लक्ष्य
-पंद्रह सौ करोड़ छोटे व्यापारियों के लिए और 6000 करोड़ आदिवासी ग्रामीणों के लिए निर्धारित किए गए थे.

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Prakash Pandey

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