मुंबई. लॉक डाउन मे देश से अलग अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. कहीं भूख के चलते जीवन चला जा रहा है तो कहीं भूख को बचाने के लिए जिद चली आ रही है. लाखों लोगों का कारोबार ना केवल प्रभावित हुआ है बल्कि मजदूरों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है. 2 जून की रोटी बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि प्रशासन लोगों की मदद के लिए भरसक प्रयास कर रहा है बावजूद इसके दर्दनाक तस्वीरें देश से सामने आ रही हैं. प्रशासन के साथ-साथ समाज के लोग भी सामने आ रहे हैं जो हर पल मदद को तैयार हैं. कम्युनिटी किचन से लेकर पैसे तक से मदद करने की तस्वीरें भी इस भारत की विविधता को दर्शाती हैं. संकट काल में एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने वाली तस्वीरें भी उभर कर सामने आ रही है. मदद करने वालों में केवल बड़े ही नहीं बच्चे भी सामने आ रहे हैं. कहीं कोई बच्चा अपनी गुल्लक तोड़कर 438 रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में दे देता है तो कहीं 3 साल का बच्चा अपनी मेहनत से कमाई पचास हज़ार रुपये पुलिस कमिश्नर को गरीबों के लिए दान कर देता है.
जब 3 साल के बच्चे ने खुद के कमाए पचास हज़ार रुपये कर दिया दान
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को 3 साल का कबीर अपने माता-पिता करिश्मा और केशव के साथ मुंबई पुलिस मुख्यालय पहुंचा. कबीर के हाथ मे पचास हज़ार का चेक था. कबीर ने पचास हज़ार का चेक मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह को गरीबों की मदद के लिए दे दिया. हैरत वाली बात यह है कि 3 साल के इस बच्चे ने खुद ही यह पैसे कमाए हैं.
कबीर ने महज 3 साल की उम्र में कैसे कमा लिए पचास हजार रुपये
अब आपके जहन में सवाल उठ रहा होगा कि 3 साल का बच्चा कबीर 50 हजार रुपये कैसे कमा सकता है? तो इसका जवाब यह है कबीर ने यह पैसे कप केक यानी डिश बना कर और उसको बेचकर कमाए थे. कबीर के माता पिता ने बताया कि कबीर को कपकेक बनाकर सिर्फ दस हज़ार कमाना था लेकिन कमाई ज्यादा हो गई. इस पर कबीर और उसके माता-पिता ने इन पैसों को गरीबों में डोनेट करने का मन बना लिया. कबीर के इस कोशिश की मुंबई मुंबई पुलिस जमकर सराहना कर रही है. सोशल मीडिया और मुंबई पुलिस की नजर में कबीर लॉक डाउन के असली हीरो के रूप में चर्चित हो रहा है.
क्या कहा मुंबई पुलिस ने
कबीर की दरियादिली से भावुक मुंबई पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर किया. मुंबई पुलिस ने ट्विटर हैंडल पर लिखा “










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