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दीपावली पर मिले दिल, अखिलेश बोले चाचा शिवपाल भी 2022 में होंगे साथ

उत्तर प्रदेश का इटावा. दीपावली के पर्व पर समाजवादी कुनबे में दिलों में खूब प्यार पनपा. प्यार का टेंपरेचर इतना हाई गया कि समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल को कैबिनेट मंत्री बनाने का भी लगे हाथ ऑफर दे दिया. दीपावली मनाने समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सैफई पहुंचे है. मौके का फायदा उठाते हुए अखिलेश यादव ने सिविल लाइन आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर दिया और बसपा के तीन पूर्व जिला अध्यक्ष लखन सिंह जाटव, जितेंद्र दोहरे, राघवेंद्र गौतम समेत सैकड़ों लोगों को पार्टी में एंट्री करवा दी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा सुप्रीमो बसपा से खासे नाराज दिखाई दिए और 2022 की अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बसपा से बिल्कुल भी गठबंधन नहीं करेगी.

छोटे दलों से मिलेंगे दिल बड़े से होगी दूरी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2022 में केवल छोटे-छोटे दलों से गठबंधन करने की बात कही. उन्होंने बड़ी पार्टियों से गठजोड़ को सिरे से नकार दिया. अखिलेश ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह चाचा शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा( प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया) को भी एडजस्ट करेंगे और सरकार बनी तो उनके नेता को कैबिनेट मंत्री भी बना देंगे. इतना ही नहीं इसके लिए अखिलेश ने जसवंत नगर से विधानसभा की सीट भी छोड़ देने का ऐलान कर दिया.

2017 में चाचा शिवपाल से बड़ी थी तल्खी

2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच तल्खी बहुत बढ़ गई थी जिस का नजारा पार्टी के मंचों पर भी दिखाई दिया. पार्टी कार्यालय पर नेम प्लेट को भी लेकर टकराव की स्थितियां बनी थी जिसके बाद शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर लिया था. हाल ही में शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी से गठबंधन की अपनी इच्छा जता चुके हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रेम की पींगे दोनों और से बढ रही हैं.

उत्तर प्रदेश के उप चुनाव पर अखिलेश का संदेश

हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जब चुनाव जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, थानाध्यक्ष और सिपाही लड़ेंगे, तो और कौन जीतेगा? उपचुनाव में भाजपा चुनाव नहीं लड़ रही थी बल्कि उसकी सरकार के अधिकारी लड़ रहे थे. 10 नवंबर को हुई गिनती में समाजवादी पार्टी को केवल एक ही सीट पर जीत हासिल हो सकी थी जबकि 6 सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थी. समाजवादी पार्टी केवल मल्हनी सीट पर ही जीत पाई थी.

तेजस्वी की लालटेन को साइकिल का साथ

हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान सभा चुनाव में अखिलेश यादव ने लालू प्रसाद यादव के लाल यानी तेजस्वी का समर्थन किया. उन्होंने महागठबंधन को बेईमानी से हराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा जनसमर्थन महागठबंधन की रैलियों में था, जितने भी सर्वे हुए उन सब में गठबंधन को ऐतिहासिक जीत की तरफ बताया गया था. लेकिन जब मशीन खुली, परिणाम आया, नतीजे रोके गए और जीत के प्रमाण पत्र किसी और को दे दिए गए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इतना धोखा किसी के साथ नहीं हुआ होगा जितना भाजपा ने वहां के लोगों के साथ किया है.

अन्याय से लेकर भ्रष्टाचार तक भाजपा पर आरोप

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और अन्याय का सबसे ज्यादा विकास भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हुआ है. अगर कोई जनता को अपमानित कर रहा है और उसे तकलीफ दे रहा है तो जनता को जब मौका मिलेगा तो वह उस सरकार को बाहर कर देगी.

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Prakash Pandey

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