नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के मामले में भारत विश्व में तीसरे पायदान पर है. देश मे संक्रमितों की संख्या 10 लाख के पार हो चुकी है, जबकि 30 हज़ार से अधिक मामले रोज सामने आ रहे हैं. इस पर आईएमए ने अपनी राय जाहिर की है और बढती रफ़्तार को कम्युनिटी ट्रांसमिशन माना है.
आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉक्टर वीके मोंगा का कहना है कि
“हर दिन देश में 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, यह देश के लिए बहुत ही बुरे हालात हैं. अब यह संक्रमण ग्रामीण इलाकों में भी फैलने लगा है, जिसका मतलब है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है.”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कम्युनिटी ट्रांसमिशन की ना के बीच आईएमए चेयरमैन का यह बयान महत्वपूर्ण हो जाता है. स्वास्थ्य मंत्रालय के इस दावे को कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चुनौती दे चुके हैं. अमेरिका और ब्राजील के बाद कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज भारत में हैं.
शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक
“भारत में अब तक 10 लाख 38 हजार 716 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 26 हजार 273 लोग दम तोड़ चुके हैं. इनमें से 6 लाख 53 हजार 751 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं, जिनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.”
आईएमए चेयरमैन डॉ. मोंगा ने कहा कि अब कोरोना वायरस गांवों और कस्बों में फैल रहा है, जिसके चलते हालात को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो गया है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में तो हमने इसको कंट्रोल कर लिया, लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा और मध्य प्रदेश के दूरवर्ती इलाकों का क्या होगा? उन्होंने कहा, इस बीमारी को रोकने के दो ही तरीके हैं. पहला, 70 फीसदी आबादी इस महामारी के संपर्क में आ जाए और प्रतिरक्षा विकसित हो जाए. दूसरा, बाजार में इसकी दवा आ जाए.



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