लखनऊ/ उत्तर प्रदेश. पूरे देश भर में चल रहे लॉक डाउन के बीच केंद्र सरकार के फैसले के बाद और राज्य सरकारों की सहमति से मयखानों को खोलने की इजाजत मिल गई लेकिन इसके बाद जो नजारा दिखाई दिया वह हैरान करने वाला था. लोग 10:00 बजे तक का भी इंतजार नहीं कर सके. सुबह से ही लाइनें लग गयी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाठीचार्ज तक करना पड़ा. लॉक डाउन की तो बात ही मत कीजिए.
तकरीबन 40 दिन बाद शराब की दुकानों को शर्तों के साथ खोला गया. दुकानें खुली तो लंबी लाइनें लगी, इतना ही नहीं सोशल डिस्टेंसिंग का भी कई स्थानों पर उल्लंघन हुआ. शराब की बिक्री और शराब की चाहत के लिए शराब के चाहने वालों की हरकतें आज पूरे दिन टीवी चैनलों पर छाई रहीं.
करोड़ों रुपए की शराब चंद घंटों में बिक गई
कर्नाटक में शराब खुलने के पहले दिन ही 45 करोड रुपए की शराब की बिक्री हुई जबकि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 100 करोड़ रुपए की शराब बेची गई.
100 करोड रुपए की शराब गटक गए यूपी के शराबी
40 दिन बाद शराब की दुकानें खुलने के बाद से सबसे हैरान करने वाली तस्वीरें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आंकड़े देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश से सामने आए. प्रदेश की 26000 दुकानें खुली तो लोगों की भीड़ खुद को रोक ना सकी. आबकारी विभाग के अनुमान के मुताबिक सोमवार को पहले दिन 26000 दुकानों से तकरीबन 100 करोड रुपए का राजस्व सरकार को मिलने का अनुमान है.
सहारनपुर में रेड जोन होने के बावजूद मिली छूट के बाद खलासी लाइन, शुगर मिल, प्रताप नगर मार्केट, हसनपुर चुंगी रोड, कोर्ट रोड आदि स्थानों पर शराब के चाहने वालों की लंबी लाइनें देखी गयी. कुछ स्थानों पर तो सोशल डिस्टेंसिंग भी हवा होता हुआ दिखाई दिया.
आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी अपने अधिकारियों के साथ खुद ही सुबह 10:00 बजे से ही राजधानी लखनऊ के अलीगंज, इंदिरा नगर आदि इलाकों में शराब की दुकानों का निरीक्षण किया. सभी दुकानों पर सैनिटाइजर और सामाजिक मेलजोल से दूरी की व्यवस्था को सुनिश्चित किया.
प्रमुख सचिव आबकारी संजय भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों कि करीब 26000 शराब की दुकानें खोलने के आदेश आज दे दिए गए थे. उन्होंने बताया कि अधिकतर जनपदों में दुकानें खुली और लॉक डाउन के नियमों का पालन सामाजिक मेलजोल से दूरी और सफाई की व्यवस्था पर ध्यान देते हुए शराब की बिक्री की गई और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
शराब के लिए लोगों में दिखा पागलपन
मदिरा के चाहने वालों ने जहां राजस्व के कीर्तिमान स्थापित किए वहीं कई स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग को भी धता बताया. चाहत इतनी थी कि एक एक व्यक्ति कई कई बोतल खरीद रहा था. लोअर में, निकर में मास्क पहनकर चेहरा ढककर मधुशाला के चाहने वाले लाइनों में लगे हुए थे और जब तक शराब ले नहीं ली तब तक जमे रहे. लोगों में इस बात की बड़ी चर्चा है. सबसे बड़ी बात यह रही कि आज टीवी चैनलों पर पूरे दिन शराब छाई रही. कुछ लोग तो यह भी कहते सुने गए कि कोरोना के ऊपर शराब आज पूरे दिन भारी रही.



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