सहारनपुर. आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपने तार्किक बुद्धि और विवेक के लिए मशहूर होते हैं जिसका जीता जागता उदाहरण रविवार की सुबह सहारनपुर में देखने को मिला.
दरअसल सहारनपुर में अंबाला रोड पर राधा स्वामी सत्संग भवन में शेल्टर होम बनाया गया है जहां हरियाणा और पंजाब के प्रवासी श्रमिकों को रोका गया है. अचानक प्रवासी श्रमिकों में यह अफवाह फैल गई कि उनको 2 महीने के लिए क्वॉरेंटाइन किया जाएगा जिसके बाद गुस्से में प्रवासी श्रमिक सड़कों पर उतर गए. संख्या इतनी ज्यादा थी कि उनको रोकना लगभग मुश्किल लग रहा था. प्रवासी श्रमिकों ने अंबाला रोड पर पिलखनी के पास जमकर हंगामा काटा सुबह 7:00 बजे शुरू हुआ हंगामा 9:00 बजे के करीब तक चला. हंगामे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए लेकिन बिहार के श्रमिक अपने आप को गृह जनपद भिजवाने के लिए जिद पर अड़े रहे. फोर्स बुलाई गई लेकिन श्रमिक किसी भी तरह से मानने को तैयार नहीं थे. तभी वह देखने को मिला जिसकी केवल कल्पना की जाती है.
दैनिक जागरण होटल के मुताबिक मौके पर पहुंचे सहारनपुर के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने लोगों को समझाया उन्होंने श्रमिकों से खुद के बिहारी होने का हवाला दिया. डीआईजी के इतना कहते ही लोग शांत हो गए.
प्रवासियों के शांत होने के बाद जिला प्रशासन ने सभी को बस से बिहार भेजने का निर्णय लिया और तकरीबन दो सौ बसें ढाई हजार प्रवासी मजदूरों को लेकर गोरखपुर के रास्ते बिहार बॉर्डर पर पहुंचने के लिए रवाना हो गई.
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