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Corona effect: जिला प्रशासन ने सहारनपुर से किए 7000 प्रवासी मजदूर रवाना, जितने जा रहे हैं उतने ही आ रहे हैं जानिए

सहारनपुर से सोमवार को ट्रेनो और बसो से पूर्वी यूपी और बिहार के करीब सात हजार प्रवासी मजदूर घरो को भेजे गए,
जितने लोग सहारनपुर से भेजे जा रहे है उतने ही दूसरे स्थानो से सहारनपुर में पहुंच भी रहे है 

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। सहारनपुर जनपद उत्तर प्रदेश में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ और हिमाचल प्रदेश से प्रवासी मजदूरो के पहुंचने का सबसे बडा प्रवेश द्वार बना हुआ है। यहां से पिछले कई रोज से करीब सात-आठ हजार मजदूर ट्रेनो, बसो एवं अन्य वैध वाहनो से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के दुरस्त स्थानों पर भेजे जा रहे है। इतने ही मजदूर परिवार समेत सहारनपुर, हरियाणा की सीमा से सहारनपुर में प्रवेश भी कर जाते है। करीब 25 हजार क्षमता का आश्रय स्थल प्रशासन ने अंबाला रोड पर राधा स्वामी सत्संग केंद्र पर बनाया हुआ है। कमिश्नर संजय कुमार और डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने आज मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आज सोमवार को चार ट्रेनो से करीब सात हजार प्रवासी मजदूरो को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जोन, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और बिहार के भोजपुर, बरोनी, खगडिया और कटियार के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी सहारनपुर अखिलेश सिंह, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु, सीएमओ डा. बीएस सोढी आदि की मौजूदगी में चिकित्सको के दल ने राधा स्वामी आश्रय स्थल पर आज भेजे गए सभी प्रवासी श्रमिको और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच की, सेनेटाइज किया और दो वक्त का भोजन, पानी, सेनेटाइजर और मास्क के साथ सम्मानपूर्वक उनकी विदाई की। कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि करीब 88 बसो से कल दिनभर में करीब 42 सौ प्रवासी मजदूरो को बिहार भेजा गया था। सोमवार प्रातः नौ बजे करीब नौ सौ श्रमिको को लेकर पहली लोकल ट्रेन लखनऊ के लिए रवाना हुई। जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलो के प्रवासी मजदूर सवार थे। करीब एक बजे स्पेशल श्रमिक ट्रेन बिहार के कटियार के लिए रवाना की गई। जिसमें 13 सौ के करीब श्रमिक सवार थे। तीसरी ट्रेन शाम तीसरे पहर करीब चार बजे लखनऊ के लिए भेजी गई। जिसमे करीब नौ सौ श्रमिक थे। चौथी ट्रेन शाम करीब छह बजे के करीब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर के लिए करीब हजार लोगों को लेकर रवाना हुई। ध्यान रहे सहारनपुर में कल पांच हजार के करीब बिहारी श्रमिक घरो को भेजे जाने की मांग को लेकर गुस्से में सडको पर उतर गए थे। प्रशासन ने राज्य सरकार के खर्चें पर परसो और उससे एक दिन पहले दो स्पेशल ट्रेनो के जरिए बिहार 25 सौ श्रमिको को सम्मान पूर्वक भेजा था। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी सहारनपुर में करीब 10 से 12 हजार श्रमिक रूके है और हरियाणा सीमा से अनवरत उनके आने का सिलसिला जारी है।

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Prakash Pandey

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