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Cm की सारथी बनी उत्तर प्रदेश पुलिस, कोरोना काल में योगी ‘राज’ का छाया जलवा, जमकर हो रही तारीफ

सहारनपुर/ लखनऊ. कोरोना वायरस के चलते देश में लॉक डाउन है. इस बीच प्रवासी मजदूरों का अपने गृह जनपद जाने का सिलसिला जारी है. लोग पैदल ही अपने गृह जनपदों को निकल चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद भी लोग रुक नहीं रहे हैं और पैदल ही उत्तर प्रदेश में प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं. पैदल आने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देशित किया था कि कोई भी व्यक्ति पैदल प्रदेश के अंदर अपने घर जाने की कोशिश ना करें. ऐसी स्थिति में प्रवासी मजदूरों को रोक कर उन्हें शेल्टर होम में रखा जा रहा है.
कठिनाई के काल में मजदूर जहां दिक्कत उठा रहे हैं वहीं सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं. प्रवासी मजदूरों के अनुसार योगी देश के सबसे बेस्ट सीएम है.

क्या कहते हैं प्रवासी मजदूर

प्रवासी मजदूरों के अनुसार सीएम ने बिना भेदभाव किए मजदूरों की सुविधा सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाई है. राज्य में प्रवेश करते ही मजदूरों को शेल्टर होम में रखा जा रहा है. उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है. उसके बाद बसों के द्वारा उनको उनके घर भेजने की व्यवस्था सरकार कर रही है.

क्या है सच्चाई

योगी सरकार प्रदेश भर में प्रवासी मजदूरों को वापस अपने गृह जनपद लाने के लिए कोशिश कर रही है. हमने सहारनपुर जनपद में सरकार की मुस्तैदी और सेवा भाव का टेस्ट किया.
सहारनपुर में हरियाणा और पंजाब से हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर प्रवेश कर गए थे जिन्हें राधा स्वामी सत्संग भवन अंबाला रोड में रखा गया था. सरकार के निर्देश पर पहले 13 सौ से अधिक मजदूर और उसके बाद 1000 से अधिक मजदूरों को ट्रेन से उनके गृह जनपद के लिए रवाना किया गया. रविवार सुबह अचानक प्रवासी मजदूरों में रोष पैदा हो गया उनमें अफवाह फैलाने की कोशिश की गई कि सरकार प्रवासी मजदूरों को शेल्टर होम में 2 महीने तक रखा जाएगा जिसके बाद प्रवासी मजदूर सड़क पर आ गए. प्रशासन की सूझबूझ के चलते और सरकारी आदेश के बाद तकरीबन 200 बसों से ढाई हजार के करीब मजदूर बिहार बॉर्डर भेजे गए. शनिवार को भी 50 बसें मजदूरों को लेकर गई थी.

प्रशासन की मजदूरों के लिए व्यवस्था

सहारनपुर में प्रशासन ने मजदूरों के लिए जिस तरह की व्यवस्था की है उसकी तारीफ मजदूर भी कर रहे हैं. प्रवासी मजदूरों को भरपेट भोजन, पानी आदि की सुख सुविधा के साथ रखा जा रहा है और जैसे ही व्यवस्था बनती है प्रशासन भोजन पानी के साथ उनको उनके गृह जनपद भेज देता है.
प्रशासन के इसी सहयोग के चलते प्रदर्शन करने वाले प्रवासी मजदूरों ने भी कल योगी सरकार और प्रशासन की जमकर तारीफ की थी हालांकि पहले प्रवासी मजदूरों ने विरोध किया था लेकिन बाद में माफी मांगी और योगी सरकार को धन्यवाद किया.

सीएम योगी की सारथी बनी पुलिस

उत्तर प्रदेश पुलिस सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की सारथी के रूप में काम कर रही है. दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को पुलिस रास्ते में ही रोक रही है. इतना ही नहीं उन्हें खाना खिलाया जा रहा है पानी पिलाया जा रहा है और उसके बाद उन्हें समुचित प्रयास कर उनके गृह जनपद भेजा जा रहा है. इस संबंध में दूसरे राज्यों से होते हुए यूपी में प्रवेश करने वाले मजदूरों ने भी कहा है कि पुलिस उन्हें जिस स्थान पर रोक रही है वहां उनकी व्यवस्था कर रही है.
लॉक डाउन में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयास के पूरे देश में प्रशंसा हो रही है.

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Prakash Pandey

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