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बोल वचन खास

जिस सरकार और पुलिस के विरोध में खड़े हुए, उसी का शुक्रिया करते नहीं थके, जाते जाते बोले thankyou

सहारनपुर में आश्रय स्थल से निकलकर करीब पांच हजार बिहारी प्रवासी मजदूरो का सडकों पर हंगामा, पैदल घरो को निकल पडे, अफसरो ने समझा-बुझाकर काफी को बसो से भेजा, ट्रेनो से अब तक करीब 2522 मजदूर पहले ही भेजे जा चुके है  

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। रविवार को सहारनपुर के राधा स्वामी आश्रय स्थल पर ठहरे करीब पांच हजार बिहार के प्रवासी मजदूरो का धैर्य जवाब दे गया और वे गुस्से में आज इकट्ठे होकर शेल्टर होम से बाहर निकलकर हंगामा करने लगे और पैदल जाने की जिद पर ही अड गए और पांच किलोमीटर तक आगे चले भी गए। किसी तरह बामुश्किल पुलिस-प्रशासन ने उन्हे समझा-बुझाकर रोका। जानकारी के अनुसार बिहार के प्रवासी मजदूरो का धैर्य जवाब दे गया और उनके घर लौटने की कोई मुक्कमल व्यवस्था नही होने से करीब पांच हजार मजदूर सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित राधा-स्वामी सत्संग आर्य स्थल से सुबह सात बजे से निकलकर सडको पर उतर गए और हंगामा करते हुए पैदल ही आगे की ओर रवाना हो गए। 

यह जानकारी मिलने पर मंडलीय और जनपदीय आला अफसर कमिश्नर संजय कुमार, डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु भारी पुलिस बल के साथ मौके की ओर रवाना हुए। आश्रय स्थल से पांच किलोमीटर आगे जब अफसरो की टीम का इन गुस्साएं और धैर्य खो चुके श्रमिको की भारी भीड से सामना हुआ तो श्रमिको के मन का गुब्बार फट पडा। उन्होंने अपनी उपेक्षा किए जाने और घर भेजने की मांगे अनसुनी किए जाने की बाते जोर-जोर से कही।

अफसरो ने उनसे बेहद लगाव और प्यार की भाषा में बात की। मजदूर बिहार जाने के प्रबंध किए जाने के अलावा कुछ भी सुनने को तैयार नही थे। आखिर कमिश्नर संजय कुमार और डीआईजी उपेंद्र अग्र्रवाल की बातो का श्रमिको पर असर हुआ और दो-तीन घंटे की जदोजहद के बाद जब उन्हें हाथो-हाथ बसो से उनके गंतव्योें पर भेजने का फैसला हुआ तभी जाकर मजदूर शांत हुए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने तत्काल कई बसो का प्रबंध कराया और श्रमिको की बसो के जरिए वापसी शुरू कराई। कमिश्नर संजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ आदि स्थानों से रोज पैदल और यमुना पार कर हजारो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर सहारनपुर पहुंच रहे है। जहां प्रशासन ने राधा स्वामी सत्संग आश्रय स्थल पर व्यापक पैमाने पर भोजन खान-पान, रहने, ठहरने, दवाई और चिकित्सा आदि की बेहरतीन व्यवस्था डेढ महीने से की हुई है। जहां एक साथ 15-20 हजार लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आराम पूर्वक ठहर और रह सकते है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को 1320 और शनिवार को 1212 बिहारी मजदूरो को स्पेशल ट्रेनो से रवाना किया था। जो बिहार अपने घरो को सुरक्षित पहुंच गए है। आज तीसरे दिन ट्रेन इसलिए नहीं जा पाई कि बिहार सरकार उसके लिए तैयार नहीं थी। शायद इसी बात से आश्रय स्थल में ठहरे अन्य बिहारी प्रवासी मजदूरो को निराशा और हताशा हुई। जबकि प्रशासन उनको किसी भी साधन से बिहार भेजने की तैयारी में लगा था। कमिश्नर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी प्रवासी मजदूर की कोई उपेक्षा न हो और उनको समुचित सुविधाएं और साधन उपलब्ध कराया जाए। जिसका पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि 19 मई को बिहार के दरभंगा जिले के लिए ट्रेन भेजना प्रस्तावित था। लेकिन आज बिहार राज्य के मजदूर शेल्टर होम से सडको पर उतरकर हंगामा करने लगे।इन मजदूरो का आरोप था कि वे लोग कई सौ किलोमीटर की दूरी पैदल नापकर यहां आए है और एक पखवाडे से कैंप में पडे है। जहां से उनके बिहार  भेजने की कोई व्यवस्था न होने पर उनका धैर्य जवाब दे गया। इन बिहारी मजदूरो का आरोप था कि प्रशासन हमे पैदल आगे नहीं बढने दे रहा है और न ही बिहार जाने के लिए कोई इंतजाम कर रहा है। डीएम ने बताया कि उन्होंने तत्काल पर्याप्त संख्या में बसो की व्यवस्था की है और मजदूरो को देवरिया, चंदौली, गाजीपुर की सीमाओं तक छोडने के लिए रवाना भी कर दिया है। शाम तक काफी मजदूर निकल जाएंगे। कमिश्नर के मुताबिक उन्होंने इन जिलो के जिलाधिकारियों से आगे की व्यवस्थाएं करने को कहा है। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने इन आरोपो को सिरे से खारिज कर दिया कि गुस्साएं और जमकर हंगामा कर रहे मजदूरो पर पुलिस ने किसी तरह का बल प्रयोग किया या लाठी चलाई।

उन्होंने कहा कि मजदूरो ने हम लोगों की बातो का पूरा असर लिया और वे समझाने-बुझाने पर मान गए और सहयोग करने को तैयार हो गए। कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह और प्रबंध निदेशक उत्त्र प्रदेश राज्य परिवहन निगम से आग्रह कर मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर रोडवेज डिपो की करीब 200 बसो का इंतजाम कराया।

काफी श्रमिको को भोजन आदि के पैकेट दिए गए और सम्मान और गरिमा के साथ उनको उसी तरह रवाना किया गया जिस तरह से शुक्रवार और शनिवार को ढाई हजार श्रमिक भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि सहारनपुर में बिहार के 34 स्थानों के करीब चार हजार 811, शामली से दो सौ और मुजफ्फरनगर से 400 समेत पांच हजार 411 लोगोे की उनके घरो के लिए रवानगी की  तैयारी की जा रही है। 

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Prakash Pandey

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