अंतरजातीय विवाह पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्णय के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जौनपुर में एक जनसभा के दौरान लव जिहाद के खिलाफ खुला ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने राज्य में लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून बनाए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि इस कानून से बहन बेटियों के सम्मान की रक्षा होगी.
जनसभा में बोले सीएम
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“हमने जो भी वादा किया है उसे पूरा किया है. हम यह भी कहने के लिए आए हैं कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि शादी विवाह के लिए धर्म परिवर्तन अवैध है. अब राज्य सरकार भी फैसला लेगी. हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का काम करेंगे.”
सीएम ने किया आगाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद वालों को आगाह करते हुए कहा कि “जो लोग नाम छुपा छुपाकर, धर्म छुपाकर बहन बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करते हैं उनको पहले से मेरी चेतावनी, अगर सुधरे नहीं तो ‘राम नाम सत्य’ है की यात्रा उनकी निकलने वाली है. हमारे मिशन सत्य के चलाने का उद्देश्य ही यही है कि हम हर बहन बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे. इसके बावजूद भी अगर कोई बच रहा है तो अब ऑपरेशन शक्ति तैयार है. इससे न्यायालय के आदेश का पालन भी होगा और बहन बेटियों की इज्जत की रक्षा भी होगी.”
क्या कहा था इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने
दरअसल अंतर्जातीय विवाह के मामले में सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर शादी के उद्देश्य से धर्म परिवर्तन किया जाता है तो यह वैध नहीं है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े विपरीत धर्म के विवाहित जोड़े की याचिका को खारिज कर दिया. हालांकि उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराने के लिए दोनों को छूट दी.
क्या था मामला
दरअसल, मुस्लिम से हिंदू बनी महिला ने उच्च न्यायालय में अपील की थी और कहा था कि उनकी शादी में परिवार वाले हस्तक्षेप ना करें. इस मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे. न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता एक मुस्लिम तो दूसरा हिंदू है. कोर्ट ने नूरजहां केस को इस फैसले का आधार बनाया .




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