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CRIME ALERT : ठगों के सॉफ्ट कॉर्नर पर आंगनवाड़ी, कार्यकत्रियों को लगातार कॉल कर डाटा हैक करने की कोशिश मैं है ठग

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर। यदि आप डिजिटल इंडिया और डिजिटल लेनदेन संबंधित गतिविधियों को करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। खबर ठगी से जुड़ी जरूर है लेकिन इसका सीधा जुड़ाव आपसे है। दरअसल, जिले में टेली कॉलिंग कर लोगों को ठगने वाले जालसाज सक्रिय हैं। ताजा मामला बाल विकास परियोजना से जुड़ा हुआ है जहां डॉक्टर पूजा और डॉक्टर विजय कुमार शर्मा के नाम से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को फोन कर डाटा मांगा जा रहा है। कमाल तो यह है कि कार्यकत्रियों को लाइन पर ले कर क्षेत्र के लाभार्थियों से बात की जा रही है और उनसे उनके बैंक अकाउंट की डिटेल्स मांगी जा रही है। एक जागरूक आंगनवाड़ी कि जागरूकता से बड़ी ठगी होने से रह गई। मकसद में नाकाम रहे ठगों ने आंगनवाड़ी को ना केवल गालीयां दी बल्कि जान से मारने की धमकी तक दे दी।

क्या है मामला

दरअसल, डॉक्टर पूजा के नाम से एक आंगनवाडी कार्यकत्री को फोन किया गया और स्वयं को स्वास्थ्य विभाग का डॉक्टर बताया गया। पूजा द्वारा आंगनवाड़ी को यह भी कहा गया कि 2020 और 2021 में पैदा हुए बच्चों के लिए ₹6000 जच्चा को देना है इसके लिए क्षेत्र के ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर उनके साथ शेयर किए जाएं जिनके घर बच्चों ने जन्म लिया हो। आंगनवाड़ी ने विभागीय कॉल समझकर तकरीबन 4 से 5 लोगों के नंबर तथाकथित डॉक्टर के साथ शेयर किया जिसके बाद ठगों का जाल शुरू हुआ। महिला ठग ने आंगनवाडी कार्यकत्री को लाइन पर ले कर एक जच्चा से बात की और उनसे उनके अकाउंट डिटेल्स साझा करने के लिए कहा जिस पर आंगनवाड़ी को शक हुआ। आंगनवाड़ी ने तत्काल दूसरे नंबर से सभी लाभार्थियों को फोन कर सूचना न देने के लिए कहा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की इस जागरूकता ने एक बड़ी ठगी को तो रोक लिया लेकिन ठगी की क्रिया कई बड़े सवाल खड़े कर गई।

स्वास्थ्य विभाग से नहीं है कोई सरोकार

घटना की सूचना के बाद आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पति ने जिला अस्पताल से संपर्क किया जहां से पता लगा कि अस्पताल से इस तरह का कोई भी फोन नहीं किया गया है, ना ही इस नाम का कोई डॉक्टर कार्यरत है। कहने का मतलब है कि ठगो की पूरी तरह से जालसाजी।

ठग ने कहा हमें पैसे चाहिए

आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पति ने जब ठग से बात की तो ठग ने कहा कि हमें उनके खाते में पैसा भेजना है जिस पर आंगनवाड़ी के पति ने कहा कि पैसा आप सीधे उनके खाते में भेजिए और डेटा सरकार द्वारा संचालित विभाग से आप ले सकते हैं जिस पर तिलमिलाए तथाकथित डॉ विजय कुमार शर्मा ने कहा कि हमें पैसा चाहिए तुम दोगे क्या? जिस पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पति ने कहा कि तुम्हें पैसा क्यों देंगे,इतना होने के बाद फोन काट दिया जाता है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्री को दी धमकी

जालसाजी का भंडा फूटता देख जालसाज विजय कुमार आग बबूला हो गया और उसने फोन कर आंगनवाडी कार्यकत्री को न केवल गाली दी बल्कि जान से मारने की धमकी तक दे डाली जिस पर प्रतिउत्तर करते हुए आंगनवाड़ी ने विजय शर्मा को अच्छी डोज़ पिला दी। उसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पति ने भी विजय से बात की और उसे फर्जीवाड़ा का एहसास कराया। हालांकि उसके बाद आंगनवाड़ी के पास कोई फोन नहीं आया लेकिन दूसरी आंगनवाड़ी है टारगेट पर हैं।

आज फिर आंगनवाड़ी को फोन किया

ठगों ने आज दूसरी आंगनवाड़ी को फोन किया और डाटा शेयर करने के लिए कहा लेकिन कल की घटना को देखते हुए आंगनवाड़ी ने डाटा साझा करने से मना कर दिया और विभाग से डाटा लेने के लिए कहा जिसके बाद तिलमिलाए फर्जी डॉक्टर ने कहा कि तुम भी भाषण दे लो। कुल मिलाकर लबोलबाब यह है कि विभाग की सीधी साधी कार्यकत्रियों ठगों के टारगेट पर हैं। जालसाज उनको लूप लाइन में लेकर लाभार्थियों से बात करते हैं जिससे कोई उन पर शक ना कर सके। राहत की बात यह है कि अभी तक ठग किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सके लेकिन विभाग को मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और ठगो के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

क्या कहते हैं अधिकारी

पूरी घटना की जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर आशा त्रिपाठी को दी गई। इस बाबत प्रकाश खबर की टीम ने डॉक्टर त्रिपाठी से उनका ओपिनियन जानना चाहा। डॉक्टर त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं संज्ञान में आ रही है, लोग अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी कर रहे हैं। हमारे संज्ञान में विभाग द्वारा कोई भी पैसा डायरेक्ट लाभार्थी को भेजे जाने की सूचना नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही कराई जाएगी। एक अन्य सवाल के जवाब में डॉक्टर त्रिपाठी ने कहा कि मामले से सरकार और उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
कार्यवाहक बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनीता चौधरी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कार्यकत्रियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है और इस तरह की किसी भी कॉल पर जानकारी लेने के लिए विभागीय आफिस आने के लिए कहा गया है।

डाटा हो रहा लिक

मामले को देखते हुए इस बात इनकार नही किया जा सकता है कि आंगनबाड़ियों का डाटा लिक है जिसका फायदा साइबर क्राइम करने वाले ठग उठा रहे हैं। जालसाजी को रोकने के लिए प्रकाश खबर की टीम का सरकार से सुझाव है कि सरकार कोई सरकारी नंबर विभागीय तौर पर साझा करें जिससे असमंजस की स्थिति पैदा ना हो और ठगी को भी रोका जा सके। अगर ऐसा नहीं होता न केवल विभाग के कार्यों में दिक्कतें आएंगी बल्कि ठग विभागीय कॉल की आड़ में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे देंगे।

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Prakash Pandey

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