पंचायतनामा

सत्ता के सेमीफाइनल में BJP टॉप पर, सीएम योगी सबसे योग्य तो अखिलेश हुए फेल, जानिए क्या है खेल

उत्तर प्रदेश सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखे जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने टॉप पोज़िशन हासिल की है वहीं मुख्य मुकाबले में रही समाजवादी पार्टी की उड़ान पर विराम लग है. वजह है नतीजे. भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में 75 में से 67 सीटों पर जीत का परचम लहरा दिया है. इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया जा रहा है. योगी आदित्यनाथ के परफॉर्मेंस से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व गदगद है. इसकी ठोस वजह भी है. भाजपा ने समाजवादी पार्टी के 63 सीटों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ जीत के राजनीतिक मायने तलाशे जा रहे है. सियासी गलियारों में यह चुनाव परिणाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. सियासत की गलियों में जिला पंचायत चुनाव को सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा था.

जान लेना महत्वपूर्ण है कि यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की रिकॉर्ड सीटें जीतकर भाजपा ने बाकी दलों का सूफड़ा साफ कर दिया है. वहीं, मुख्य मुकाबले में शामिल अखिलेश यादव की पार्टी सपा केवल छह सीटें जीत सकी, जबकि बाकियों को चार सीटों पर जीत मिली है. 2015 में यूपी की आधी से ज्यादा सीटों पर राज करने वाली समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में करारा झटका लगा है. सपा के लिए सबसे बड़ा परेशानी का सबब मैनपुरी की सीट रही. मैनपुरी जिले में भी भाजपा ने सेंधमारी की है और सपा का किला ढहा दिया है. वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस को भी झटका लगा है. सोनिया गांधी की ससंदीय सीट रायबरेली में भाजपा को जीत मिली है. हालांकि, बागपत में रालोद ने कब्जा बरकरार रखा है.

योगी राज में खत्म हुआ जीत का सूखा

ऐसा पहली बार हुआ है जब जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 67 जिलों में भाजपा को अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की खुशी मिली है. जानकारी के मुताबिक पिछले चुनाव में भाजपा को कुल तीन जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल हुई थी. उससे पूर्व भी भाजपा को कभी इतनी बड़ी जीत नहीं मिली थी. राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो इस जीत के बड़े संदेशों के साथ भाजपा की ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रियता और बढ़ेगी. इन सबके बीच पार्टी के अहम नेता भाजपा की इस जीत को 2022 की जीत बता रहे है. पार्टी नेताओं का दावा है कि भाजपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी कामयाबी मिलेगी.
मीडिया रिपोर्ट में सपा के नेताओं के हवाले से बताया जा रहा है कि प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी का गणित निर्दलीय, तो कहीं बागियों ने बिगाड़ा है. पार्टी नेताओं का दावा है कि भाजपा ने सत्ता पक्ष का दुरुपयोग कर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया है.

जानिए कौन सी सीट पर किस पार्टी का अधिकार

मुजफ्फरनगर- भाजपा

फिरोजाबाद-भाजपा

बागपत-रालोद

हापुड़- भाजपा

बिजनौर- भाजपा

संभल-भाजपा

बरेली- भाजपा

उन्नाव-भाजपा

बदायूं- भाजपा

अलीगढ़- भाजपा

हाथरस- भाजपा

कासगंज- भाजपा

मथुरा- भाजपा

फिरोजाबाद- भाजपा

मैनपुरी- भाजपा

फर्रुखाबाद- भाजपा

कन्नौज- भाजपा

रामपुर-भाजपा

औरेया- भाजपा

कानपुर – भाजपा

प्रतापगढ़-जनसत्ता दल

जालौन- भाजपा

महोबा- भाजपा

हमीरपुर- भाजपा

कौशांबी- भाजपा

प्रयागराज- भाजपा

रायबरेली- भाजपा

एटा-सपा

हरदोई-भाजपा

लखनऊ- भाजपा

सीतापुर-भाजपा

अमेठी- भाजपा

बाराबंकी-भाजपा

लखीमपुर खीरी-भाजपा

अंबेडकर नगर- भाजपा

सुल्तानपुर-भाजपा

अयोध्या- भाजपा

बस्ती-भाजपा

सिद्धार्थनगर- भाजपा

संतकबीर नगर-सपा

महराजगंज- भाजपा

कुशीनगर-भाजपा

देवरिया- भाजपा

आजमगढ़-सपा

बलिया- सपा

गाजीपुर- भाजपा

चंदौली- गिनती जारी

भदोही- भाजपा

मिर्जापुर- भाजपा

सोनभद्र- अपना दल

जौनपुर-निर्दलीय(श्रीकला रेड्डी)

शनिवार को 53 सीटों पर वोटिंग हुई. इसके बाद काउंटिंग के बाद नतीजों का ऐलान कर दिया गया. 53 सीटों में संतकबीरनगर, एटा, बलिया, बागपत, आजमगढ़, जौनपुर और प्रतापगढ़ को छोड़कर सारी पर बीजेपी कैंडिडेट ने जीत हासिल की. 75 सीटों में से 22 पर पहले ही निर्विरोध पंचायत अध्यक्ष का चयन हुआ था. इसमें बीजेपी को 21 और सपा को एक सीट मिली थी.

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Prakash Pandey

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