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श्रमिकों के हित में केंद्र सरकार की बड़ी योजना, आधार की तर्ज़ पर बनेंगे श्रमिक कार्ड, जानिए किसको मिलेगा लाभ

सहारनपुर। केंद्र सरकार ने देशभर के असंगठित श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के मकसद से ई श्रम कार्ड योजना को धरातल पर उतार दिया है। इस योजना को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त को लॉन्च करेगा जिसके तहत श्रमिकों के कार्ड बनाए जाएंगे।

परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर देशभर के असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड बनाए जाने की योजना का सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। इस कार्यक्रम को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त को विधिवत तरीके से लांच करेगा।
मंत्रालय के मुताबिक देशभर में 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनका कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा, ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके और श्रमिकों को लाभ पहुंचाया जा सके। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, जिनको पंजीकृत किया जाना है। सभी का पंजीकरण निशुल्क होगा और इसके लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी। हालांकि यदि इस यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट करवाता है तो उसके 20 रुपये उसे खुद वहन करने होंगे।

यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है, इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, जोकि मंत्रालय और सरकार ने चलाई हैं, उन्हें आसनी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। श्रमिकों की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं, को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।

पंजीकरण के लिए क्या होगी योग्यता

-आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
-आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नहीं होना चाहिए।
-आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।
-आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

आवेदन के लिए जरूरी होंगे यह दस्तावेज

आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए, बैंक का खाता और मोबाइल फोन नंबर यह आवेदन के लिए अनिवार्य हैं।

यह लोग करा सकते हैं पंजीकरण

छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करने वाले, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी-फड़ वाले, न्यूज पेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो रिक्शा संचालक, मनरेगा श्रमिक, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, आशा वर्कर, चाय विक्रेता व ऐसे मजदूर, जोकि किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े सभी यूनिक आईडी बनवा सकते हैं।

क्या कहते हैं सीएससी अधिकारी

योजना की जानकारी देते हुए सीएचसी के जिला समन्वयक अभिनंदन ओझा ने बताया कि 25 अगस्त से इस कार्यक्रम को लांच कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले में करीब 1200 वीएलई अपनी सेवाएं देंगे। असंगठित श्रमिकों के निशुल्क पंजीकरण और कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन बाद में अपडेट करवाने पर 20 रुपये देने होंगे। उन्होंने सभी वीएलई से योजना के क्रियान्वयन के लिए बढ़चढ़ कर भागीदारी करने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों से योजना का आसानी से लाभ लेने की अपील की।

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Prakash Pandey

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