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‌Corona Vaccine : वैक्सीन ले चुके लोगों की सेहत को लेकर बेचैन कर देने वाला बयान, अब इस तरीके से बचेगी जान

अगर आपको कोरोना से सुरक्षा की वैक्सीन ले चुके हैं, अपने आपको सुपरमैन समझने लगे हैं और महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं तो यह खबर आपके काम की है.
खबर आपको डराने वाली नहीं बल्कि सावधान करने वाली है. कोरोना की तीसरी लहर से पहले आपको वैक्सीन का बूस्टर डोज भी लेना पड़ेगा. ये हम नहीं कह रहे बल्कि अमेरिका के स्वास्थ्य सलाहकार एंथनी फाउसी ने कही है. फाउसी ने कहा है कि ऐसा लगता है कि सभी लोगों को कोविड-19 वैक्सीन का बूस्टर शॉट लेना होगा.
डॉ फाउसी ने गुरुवार को कहा था कि अभी से यह स्पष्ट दिखने लगा है कि कुछ लोगों की इम्यूनिटी में कमी रह गयी है. वैक्सीन अब तक उन्हें पूरी सुरक्षा नहीं दे पाया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि लोगों को तत्काल अतिरिक्त बूस्टर डोज की जरूरत नहीं होगी. हां, कैंसर से जूझ रहे मरीजों और अंग प्रत्यारोपण कराने वाले लोगों के लिए यह जरूरी होगा, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है.
आपको बता दें कि डॉ फाउसी का बयान उसी दिन आया है, जिस दिन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज देने की मंजूरी दे दी. इस बात की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी कि डेल्टा वैरिएंट से जूझ रहे अमेरिकियों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कोरोना वैक्सीन का एक अतिरिक्त डोज दिया जा सकता है.
अमेरिका के कोरोना संक्रमितों में 44 फीसदी कैंसर, HIV संक्रमित अमेरिका में कैंसर और एचआईवी से संक्रमित वयस्क लोगों की संख्या कुल आबादी का महज 2.7 फीसदी है, लेकिन इन दोनों बीमारियों से जूझ रहे कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा 44 फीसदी तक हो गया है. यानी अमेरिका में जितने लोग अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा रहे हैं, उनमें 44 फीसदी ऐसे लोग हैं, जो कैंसर या एचआईवी से संक्रमित हैं.
अमेरिका के लिए चिंता की बात यह है कि पूरी तरह से वैक्सीन का सुरक्षा कवच ले चुके लोग भी कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) एडवाइजरी ग्रुप ने हाल ही में जो आंकड़े जारी किये हैं, उससे यह खुलासा हुआ है.

क्या कहा गया अध्ययन में

CDC के अध्ययन में कहा गया है कि वैक्सीन का एक अतिरिक्त डोज उन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है, जिनकी इम्यूनिटी पहले और दूसरे डोज के बाद मजबूत नहीं हुई. कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों फाइजर और मॉडर्ना ने बार-बार कहा है कि हर किसी को समय-समय पर बूस्टर शॉट लेना होगा. और हो सकता है कि हर साल लोगों को वैक्सीन की एक डोज लेनी पड़े.
फाइजर ने तो यहां तक कहा कि वह कमजोर इम्यूनिटी की वजह से वह एफडीए से आग्रह करेगा कि बूस्टर डोज को मंजूरी दे, ताकि लोगों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित किया जा सके. अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी ने इस्राइल के आंकड़ों को आधार बनाया है. इसमें कहा गया है कि दो डोज लेने के बाद भी वैक्सीन सिर्फ 39 फीसदी तक ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा रहा है.
फिलहाल लाइफटाइम सुरक्षा की कोई वैक्सीन नही

इस्राइल के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि वैक्सीन काफी हद तक कारगर है. यह गंभीर बीमारियों के साथ-साथ मौतों को भी रोकता है. लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं रह जाती. हालांकि, सीडीसी तत्काल बूस्टर डोज की सिफारिश नहीं करता है, लेकिन डॉ फाउसी ने कहा है कि एक समय आयेगा, जब हमें सभी लोगों को बूस्टर डोज देने की जरूरत होगी. कहा कि अभी जितने भी वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हैं, उनमें से कोई भी ऐसा नहीं है, जो आपको अनंतकाल तक कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा दे सके. (साभार-प्र ख)

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Prakash Pandey

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