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पीएम मोदी के दो नए शब्दों में उलझ गया विपक्ष, आप भी जान लीजिए क्या बोले पीएम

अपनी भाषा शैली के जरिए विपक्ष को साधने की कला पीएम मोदी में कूट-कूट कर भरी है. जनता को साधना हो या विपक्ष को पीएम मोदी जानते हैं कहां किन शब्दों का इस्तेमाल करना है. पीएम का शब्दकोश भी मजबूत है लेकिन आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने शब्दकोश में दो नए शब्द शामिल कर लिया. इतना ही नहीं दोनों शब्दों का बखूबी इस्तेमाल करते हुए ना केवल कांग्रेस बल्कि पूरे विपक्ष को लपेट लिया.

दरअसल मौका था राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री का धन्यवाद और जवाब. अभिभाषण पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने जिन दो शब्दों का इस्तेमाल किया वह आप भी जान लीजिए.

पहला शब्द आंदोलनजीवी

प्रधानमंत्री ने चुटीले अंदाज में राज्यसभा में कहा कि

आजकल देश में एक नया समुदाय विकसित हुआ. आंदोलनजीवी. यह आंदोलनजीवी हर उस जगह मौजूद होते हैं जहां आंदोलन चल रहा होता है. चाहे वह वकीलों का आंदोलन हो, विद्यार्थियों का हो या मजदूरों का हो. वे आंदोलन के बिना जीवित नहीं रह सकते हैं. हमें उन्हें पहचान कर अपने देश की उनसे रक्षा करनी है.

अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को कटघरे में खड़े करते हुए पीएम मोदी ने कहा

यह आंदोलनजीवी परजीवी हैं जो राष्ट्र को खोखला करते हैं. हमें उनसे सावधान रहने की जरूरत है.

दूसरा शब्द फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आईडियोलॉजी

प्रधानमंत्री ने अपने शब्दकोश में फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आईडियोलॉजी को शामिल करते हुए कहा कि

हमारा देश विकास कर रहा है. ऐसे में हम एफडीआई की बात कर रहे हैं. लेकिन इन दिनों एक नए तरह का एफडीआई सामने आया है जो है फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आईडियोलॉजी. यह विचारधारा हमारे देश को तोड़ना चाहती है. इसलिए हमें इनसे बचना होगा हमें फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की तो जरूरत है लेकिन फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आईडियोलॉजी कि नहीं.

मोदी है तो खूब मौका है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर चुटकी ली और कहा

राज्यसभा में जिस तरह चर्चा हुई वह बेहतरीन है. सदन में चर्चा होना जरूरी है. खूब चर्चा कीजिए और कोरोना का काल में जो खींज उत्पन्न हुई है, उसे निकालिए. मोदी है तो मौका मिल रहा है. खूब चर्चा कीजिए.

कृषि आंदोलन पर क्या बोले मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के निर्माण में सिखों के योगदान को अद्भुत बताया. कहा, देश को उन पर गर्व है. किसान आंदोलन को समाप्त करने की अपील करते हुए किसानों से पीएम मोदी ने फिर से एक बार आश्वासन दिया कि एमएसपी था, एमएसपी है और एमएसपी रहेगा.

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Prakash Pandey

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