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UP: कार्यकाल के अंतिम बजट के दिन CM योगी आदित्यनाथ के नाम जुड़ जाएगा एक और रिकॉर्ड, जान लीजिए

वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार अपना शपथ ग्रहण किया तो कोई नहीं जानता था कि इस सरकार के नाम कई रिकॉर्ड बनेंगे. अपने कार्यकाल के अंतिम बजट सत्र में भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक और कीर्तिमान अपने नाम लिखवा लेगी. दरअसल, योगी आदित्यनाथ की सरकार सोमवार को अपने कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट पेश करेगी.

विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को पेश किए जाने वाले योगी सरकार के इस पांचवें बजट को कई मायनों में खास माना जा रहा है. विद्वानों का मानना है कि योगी सरकार प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ जाएगा योगी. आदित्यनाथ भाजपा सरकार के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनकी देखरेख में लगातार पांचवीं बार बजट पेश किया जा रहा है.

खास बात यह है डिजिटल माध्यमों के जरिए पेश किया जाने वाला यह बजट पूरी तरह से पेपरलेस होगा. बजट में चुनावी तैयारियों की झलक दिखने की उम्मीद है. जहां सरकार के इस बजट में छात्रों, युवाओं, महिलाओं, किसानों के लिए कुछ नई घोषणाएं होंगी. वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से जनता के बीच विकास का बड़ा संदेश देने की कोशिश भी सरकार इसी बजट के माध्यम से करेगी.

2022 में फिर से चुनाव होने हैं ऐसे में सरकार जनता के मिजाज का बजट पेश करेगी ऐसा माना जा रहा है.
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जब यूपी की कमान संभाली थी उस समय प्रदेश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. आर्थिक रूप से काफी कमजोर प्रदेश को विकास के राह पर लाना आसान नहीं था लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद सीएम योगी ने हर वित्तीय वर्ष में बजट को बढ़ाया.

योगी सरकार ने अपना पहला बजट वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3.84 करोड रुपए का, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 4.28 लाख करोड़, 2019- 20 में 4.79 लाख करोड़ और 2020 में 5.12 लाख करोड रुपए का बजट पेश किया था. अब सीएम का पांचवा बजट भी भारी भरकम होने की उम्मीद है.

अर्थव्यवस्था के जानकारों के मुताबिक सरकार अपने बजट में उन क्षेत्रों पर फोकस करेगी जिन पर काम कम हुआ है. एक ट्रिलियन डॉलर इकनोमिक का सपना अगर साकार होता है तो यह प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा.

गौरतलब है योगी सरकार का पहला बजट किसानों पर, दूसरा औद्योगिक विकास पर, तीसरा बजट महिला सशक्तिकरण पर और चौथा बजट युवाओं के विकास पर आधारित था. लेकिन इस बार के बजट को राजनीतिक पंडितों के मुताबिक अगले साल के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाए जाने की उम्मीद है.

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Prakash Pandey

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