पंचायतनामा

पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा बैठक पूरी, जानिए किन पाबंदियों के बीच बनेगी ग्राम सरकार

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर. मुख्यालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है. पंचायत चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हो सके इसके लिए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम ई एसबी सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर विनीत भटनागर, पुलिस अधीक्षक यातायात प्रेमचंद, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी हिमांशु नागपाल, उप जिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी देवबंद राकेश कुमार, उप जिलाधिकारी दीप्ति देव यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत और नगरीय निकाय मनोज कुमार और सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

बैठक के दौरान जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान स्थानों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनपद में एक ही चरण में चुनाव कराया जाएगा. मतदान में एक-एक वोट बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इसलिए मतदान से संबंधित सभी करवाई को पारदर्शिता के साथ गंभीरता से लिया जाए.

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बैठक के दौरान अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहा कि उप जिलाधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी प्रत्येक मतदान स्थल पर शौचालय, पानी, प्रकाश, विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं की जांच कर लें. यह सभी सुविधाएं होनी चाहिए.

त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए जिलाधिकारी ने निरोधात्मक कार्रवाई, शस्त्र लाइसेंसों की जांच, असला जमा कराना जैसी कार्यवाही को समय रहते तेजी से करने के निर्देश दिए. निर्वाचन में कार्य करने वाले कर्मचारियों की आवश्यकता के अनुसार उनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराने संबंधी सभी तैयारियां के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता के आधार पर मतदान के दौरान वीडियोग्राफी तथा वेबकास्टिंग का निर्णय लिया जाएगा एवं पर्याप्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया जाएगा.

निर्वाचन प्रक्रिया एक जनपद एक चरण में संपन्न कराए जाने में मंडल के अन्य जनपदों तथा दूसरे मंडल से बुलाए जाने वाले कर्मियों की संख्या और उनके आवागमन की व्यवस्था करने के भी निर्देश जिलाधिकारी ने दिए.

पंचायत चुनाव को लेकर जिलाधिकारी द्वारा कहे गए महत्वपूर्ण बिंदु

-क्षेत्र में रहने वाले निवासियों के बारे में यह जानकारी एकत्र करें कि कोई विशेष वर्ग निर्वाचन से वंचित ना हो.

– क्षेत्र में कोई प्रभावशाली व्यक्ति निर्वाचन की प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न ना कर सके.

-ऐसे मतदान केंद्र जिनमें पूर्व में 90% से अधिक मतदान हुआ उसके कारणों का पता लगाएं और ऐसे मतदान केंद्र जहां किसी एक प्रत्याशी को 75 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए हैं तो उसके कारणों का पता लगाएं.

-ऐसे सभी मतदान केंद्रों और स्थलों को चिन्हित किया जाए जहां पूर्व के दोनों निर्वाचन में किसी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा शांति व्यवस्था को प्रभावित करने संबंधित घटना बूथ पर निर्वाचन के दौरान घटित हुई हो.

-ऐसे में सभी मतदान केंद्र को चिन्हित किया जाना आवश्यक है जहां किसी भी कारणों से पुनर्मतदान हुआ हो.

-ऐसे मतदाताओं का भी पता लगाया जाए जो किसी कारण से मतदाता सूची में सम्मिलित ना हुए हो अथवा उनका नाम एक से अधिक ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हो.

-मतदान केंद्र के क्षेत्र में पूर्व में हुई किसी भी सांप्रदायिक घटना तथा उसका निर्वाचन से संबंध पता लगाया जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

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Prakash Pandey

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