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तीसरी क्लास के बच्चे ने बढ़ा दिया पुलिस के सिर का दर्द, परेशान पुलिस ने किया हैरान करने वाले कांड का खुलासा

अपराध और अपराधियों की बहुत सारी मिसाले और हरकतें आपने पढ़ी और सुनी होंगी लेकिन मुरादाबाद के संभल में कक्षा 3 के छात्र ने जो कांड किया उसका खुलासा करते हुए पुलिस का सिर दर्द भी बढ़ गया. हैरान पुलिस ने जो खुलासा किया उसे जानकर आप भी एक बार को परेशान हो उठेंगे. पुलिस ने तीसरी क्लास के छात्र के कांड का खुलासा करते हुए बताया कि परीक्षा में 0 अंक मिलने पर पिता के डर से वह घर से भाग गया. लोगों ने भटकते पाया तो पूछने पर उसने जवाब दिया कि उसका अपहरण कर लिया गया था. हालांकि पुलिस ने बिना कार्रवाई के छात्र को उसके परिजनों को सौंप दिया है.

क्या है मामला

चंदौसी के रहने वाले एक व्यक्ति का 8 साल का बालक कक्षा तीसरी का छात्र है. सोमवार दोपहर 12:00 बजे छात्र चंदौसी के भैतरी फाटक के पास पैसे मांगता हुआ एक व्यक्ति को मिला. कंधे पर बैग होने के कारण उस व्यक्ति ने उससे पैसे मांगने का कारण पूछ लिया.
छात्र बताया कि वह बिलारी में सुबह करीब 8:00 बजे ट्यूशन पढ़ने जा रहा था. कोचिंग सेंटर के पास एक वैन आकर रुकी और उसका अपहरण कर लिया. वैन में बैठे आदमी ने उसे कुछ सूंघा कर बेहोश कर दिया जिसके बाद दोपहर में करीब 12:00 वह भैतरी फाटक के पास रेलवे की रेलिंग पर पड़ा था. किसी व्यक्ति ने उसके चेहरे पर पानी डाला, तब जाकर उसे होश आया. उसे बिलारी घर वापस जाना है इसलिए पैसे मांग रहा था.

स्थानीय नागरिक ने पूरी घटना की सूचना पुलिस को दी और लड़के को वहीं रोक लिया. अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया. सीनियर सब इंस्पेक्टर रत्नेश कुमार, सीकरी गेट चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्चे को साथ लेकर कोतवाली लौटे. बैग में कॉपियों की छानबीन करने पर छात्र के टेस्ट में जीरो नंबर पुलिस के अधिकारियों ने देखें जिसके बाद पुलिस ने बच्चे से सच बताने के लिए कहा. बच्चे ने पुलिस के आगे सारी कहानी उगल दी. उसने बताया कि टेस्ट में जीरो नंबर आने के कारण पिता की डांट से बचने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी रची थी. पुलिस ने छात्र के माता-पिता को बुलाया जहां उन्होंने बताया की चंदौसी में रहते हैं. बिलारी में उसके मामा और बच्चा सुबह से ही ट्यूशन के लिए गया था. देर तक घर में आने से परिजन भी परेशान थे.
पुलिस ने मामले की सच्चाई जानने के बाद बिना कार्रवाई के बालक को परिजनों को सौंप दिया.( साभार)

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Prakash Pandey

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