लखनऊ. 2017 में प्रदेश की विधानसभा की सत्ता से बेदखल हुई समाजवादी पार्टी लगातार राज्य में अपना खोया रसूख वापस पाने की कोशिशों में है. समाजवादी पार्टी राज्य सरकार पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है. हर मुद्दे पर राज्य सरकार को घेर रही समाजवादी पार्टी ने अब नया राग छेड़ा है. पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाहरी बता दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के रहने वाले नहीं हैं. वह दूसरे प्रदेश से आए हैं. लेकिन फिर भी यहां की जनता ने उन्हें स्वीकार किया है और प्रदेश की जनता को उन्हें धन्यवाद देना चाहिए.
किसानों के जरिए सरकार को टारगेट करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि
मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अन्नदाता की खुशहाली दलालों को रास नहीं आ रही है. इतना बड़ा धोखा और इतना बड़ा झूठ कोई सदन में बोल सकता है. मैं उनसे जानना चाहता हूं कि उनकी सरकार ने कितने किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवाया है. मैं उनसे जानना चाहता हूं कि क्या उनकी सरकार गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा और फैजाबाद जिलों में किसानों को धान की एमएसपी दिला पाई है. किसी जिले में किसानों को दिला पाए हैं. पूरे उत्तर प्रदेश में किस-किस किसान को कितना एमएसपी दिया गया है? हम जानना चाहते हैं कि धान की क्या कीमत दी है आपने?
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोध में पत्रकार वार्ता में मोर्चा खोलते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के रहने वाले नहीं हैं, वह दूसरे प्रदेश से आए हैं लेकिन फिर भी यहां की जनता ने स्वीकार किया है और उन्हें प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहिए.
अखिलेश यादव ने गन्ना किसानों से वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि
इस सरकार ने झूठ कहा कि गन्ना किसानों को सबसे अधिक भुगतान भाजपा सरकार में हुआ. उन्हें इसका सबूत देना चाहिए. इस सरकार ने अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी. लोगों की नौकरियां चली गई और यह तीनों कृषि कानून इसलिए लाए हैं जिससे कि कृषि पर भी कुछ उद्योग घरानों का नियंत्रण स्थापित हो जाए. भाजपा की सरकार में किसान और नौजवान सभी परेशान हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में खड़े होकर झूठ बोल रहे हैं.
चीनी मिलो के बेचने के आरोप पर अखिलेश यादव ने कहा कि
ऐसा नहीं था. समाजवादी पार्टी ने आतंकवादियों के मुकदमे वापस लिए. लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि सपा ने कभी अपने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बलात्कारियों के मुकदमे वापस नहीं लिए. प्रदेश की जनता वर्तमान भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है और अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से भड़के अखिलेश
अखिलेश यादव के इस आक्रामक बयान के पीछे शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिया गया वक्तव्य था जिसमें उन्होंने कहा था कि
अन्नदाता किसान को धोखा देकर दलाली करने वाले लोग आज जरूर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पैसा सीधे (उनके) किसानों के खाते में क्यों जा रहा है? आज तो पर्ची भी किसानों के स्मार्टफोन पर प्राप्त हो रही है. घोषित दलाली का जो जरिया था वह भी समाप्त हो गया है.
शुक्रवार को सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इतने पर ही नहीं रुके थे सदन से बहिर्गमन कर रहे सदस्यों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था
यह है वास्तविकता. यह है सच्चाई… यह सच्चाई इस बात को बताती है कि प्रतिपक्ष का हमारे अन्नदाता किसानों से कोई लेना देना नहीं है.

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