सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रूफ के रेगुलर बने रहने और ताबड़तोड़ कंटेंट डालने वाले लोगों के लिए यह खबर जरूरी है. केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. नए नियमों से लवरेज इस गाइडलाइन के मुताबिक
कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर गलत जानकारी को शेयर करता है तो यह उसके लिए महंगा साबित हो सकता है क्योंकि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी शेयर करने पर 5 साल तक जेल की सजा हो सकती है.
इतना ही नहीं सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दायरे तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि
प्लेटफार्म को शरारती कंटेंट का ओरिजनेटर यानी कि पहली पोस्ट करने वाले व्यक्ति के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही नोडल अधिकारी 24 घंटे में कंप्लेन का पंजीकरण कर 15 दिन में पूरे मामले का निपटारा करेंगे. इसके लिए सोशल मीडिया को दो केटेगरी में बांटा गया है.
महज तीन महीनों में जमीन पर उतरेगा कानून
बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश और सरकार की ओर से पूछे जाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शरारती कंटेंट का ओरिजनेटर बताना होगा. सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया के कानून को हम 3 महीने में लागू करेंगे.
महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट 24 घंटे में हटाना होगा
नए नियम का हवाला देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यूजर्स की गरिमा को लेकर अगर कोई शिकायत की जाती है खासकर महिलाओं की गरिमा को लेकर तो आपको शिकायत करने के 24 घंटे के अंदर उस कंटेंट को हटाना होगा.
दो कैटिगरीज में बटेगा सोशल मीडिया
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है. एक इंटरमीडरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडरी. सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरिक्त कर्तव्य है. हम जल्दी इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि
एक शिकायत निवारण तंत्र रखना होगा और शिकायतों का निपटारा करने वाले नोडल ऑफिसर का नाम भी रखना होगा. यह अधिकारी 24 घंटे में शिकायत का पंजीकरण करेगा और 15 दिन में उसका निपटारा करेगा.
कब तक आएगा नोटिफिकेशन
सोशल मीडिया से जुड़े कानून को अमलीजामा पहनाने के संबंध में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन अब सरकार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को मंजूरी नहीं देगी. हमने देखा है कि लोग हिंसा फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. जल्द ही इससे जुड़ा नोटिफिकेशन सरकार जारी करेगी.





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