वैश्विक महामारी कोरोना के चलते विश्व में हाहाकार मचा हुआ है. भारत में भी कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए मार्च के महीने से ही स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया. इतना ही नहीं 25 मार्च से देशव्यापी lock-down किया गया था. जून से देश को अनलॉक की तरफ बढ़ाया गया. कमोबेश हर क्षेत्र में तालाबंदी समाप्त हो गई है लेकिन स्कूलों को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से शर्त जोड़ते हुए स्कूलों को खोलने के आदेश दिए थे. कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स को अभिभावकों की सहमति से स्कूल आने की इजाजत मिली. लेकिन स्कूल नहीं खुले. 15 अक्टूबर से कुछ राज्यों में जहां स्कूल खोले गए तो कई राज्यों ने अभी स्कूलों को ताले में ही रखना ठीक समझा. जिन राज्यों में स्कूल खुले वहां अभिभावक संक्रमण के प्रभाव को लेकर इतने भयभीत हैं कि उपस्थिति ना के बराबर ही है. अभिभावक अभी अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल खबर क्या है?
इसी बीच सोशल मीडिया पर गृह मंत्रालय का एक आदेश तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया कि जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने 30 नवंबर तक स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है. केंद्रीय गृह सचिव के हवाले से लिखा आदेश तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल मैसेज में 30 नवंबर तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश को नई गाइडलाइन में जारी आदेश बताया जा रहा है.
हकीकत क्या है?
ऐसे में प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो के फैक्ट चेक ने इस मामले पर सामने आकर सफाई दी है. पीआईबी ने स्पष्ट कहा कि
“यह आदेश जो वायरल किया जा रहा है, वह भ्रामक है. केंद्र सरकार ने सितंबर में जो आदेश जारी किया था, उसमें यह व्यवस्था की थी कि स्कूलों और कालेजों को खोलने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश करेंगे. यह आदेश नवंबर महीने तक मान्य है. केंद्र सरकार ने 30 नवंबर तक स्कूलों को बंद रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया है.”
हालांकि दिल्ली समेत कई राज्यों में स्कूलों पर सरकारें फैसला नही कर पाई हैं और स्कूलों को बंद रखना ही बेहतर माना है.

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