उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों खूब चर्चा में है. अपराध रोकने, चोरों को पकड़ने, अपराधियों को निपटाने और लंगड़ा करने के अलावा अब उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक और नया काम मिल गया है. गांव गांव घूम कर “अवैध प्रेम संबंध” का पता लगाना. ‘अवैध प्रेम संबंधों’ पर अब खाकी की खासी नजर रहेगी. ऐसा क्यों है? आपको बता रहे हैं..
पंचायत चुनाव से जुड़ा है पुलिसिया कदमताल
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2021 के शुरुआत में पंचायत चुनाव होने की संभावना है. अक्सर पंचायत चुनाव में हिंसा बड़ा मुद्दा बन जाता है. हिंसा समेत कई मामलों से बचने के लिए खुफिया विभाग यानी लोकल इंटेलिजेंस यूनिट अपने मुताबिक तैयारियां करता है. निर्बाध चुनाव और गांव में शांति बनी रहे इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर इंटेलिजेंस की खास नजर रहती है. यह पहली बार नहीं बल्कि हर बार इंटेलिजेंस द्वारा एतिहाद बरती जाती है. इस बार भी यही हो रहा है. बस कुछ बिंदु जांच के बढ़ गए हैं.
एडीजी इंटेलिजेंस के चिट्ठी में ‘अवैध प्रेम संबंध’ आया चर्चा में
पंचायत चुनाव की तैयारियों और पुलिस की सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के इंटेलिजेंस विभाग के एडीजी एसबी शिरोडकर की ओर से कुछ दिन पहले एक पत्र विभाग को जारी किया गया है. पत्र में पंचायत चुनाव को देखते हुए 11 बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के लिए आदेशित किया गया है. अमूमन सभी बिंदु हर बार की तरह ही होते हैं लेकिन लिस्ट में दसवें नंबर पर जो बिंदु है वह हैरानी में डालता है. दरअसल दसवें नंबर पर अवैध प्रेम संबंध की जानकारी जुटाने के आदेश हैं.
अवैध प्रेम संबंधों पर यह जानकारियां जुटाएगी पुलिस
इंटेलिजेंस और एलआईयू को गांव-गांव में अवैध प्रेम संबंधों के मामले को देखना होगा. उनकी जानकारी जुटानी होगी कि गांव में क्या स्थिति है? अवैध प्रेम संबंधों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई की है या नहीं. पुलिस का मानना है कि कई बार इस तरह के मामले बिगड़ कर विकराल रूप धारण कर लेते हैं जिसके बाद बड़े बवाल हो जाते हैं. पंचायत चुनाव में ऐसे बवाल को रोका जा सके इसलिए पहले ही इंटेलिजेंस इस तरह की जानकारियां जुटाएगी. यूपी पुलिस का खुफिया विभाग गांव-गांव में अवैध प्रेम संबंध के मामलों की तलाश कर रहा है.
अवैध संबंध के अलावा पैसे वाले भी रडार पर
यूपी पुलिस की खुफिया विभाग केवल अवैध प्रेम संबंधों वालों को ही नहीं बल्कि पैसे वालों की भी लिस्ट गांव में तैयार कर रहे हैं. जाति और जमीन से जुड़े लड़ाई झगड़ों के साथ धार्मिक स्थल के विवाद तक खुफिया पुलिस तलाश कर रही है. विभाग से यह जानकारी मांगी गई है कि वह पता लगाएं कि कौन-कौन से मामलों में विवाद होने की आशंका है. जान लेना महत्वपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है. इसके बाद 2022 में प्रदेश के विधानसभा चुनाव होंगे. प्रशासन किसी भी तरह से व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं.

Add Comment